विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सुपौल में कोसी बाढ़ पीड़ितों का जल सत्याग्रह, पानी में खड़े होकर राहत और पुनर्वास की उठाई मांग

Published: Wed, 23 Sep 2026 12:34 PM (IST)

सुपौल में कोसी तटबंध के भीतर बाढ़ पीड़ितों ने जल सत्याग्रह कर राहत और पुनर्वास की मांग की। उन्होंने प्रशासन ...और पढ़ें

सुपौल में कोसी बाढ़ पीड़ितों का जल सत्याग्रह

सुपौल में कोसी बाढ़ पीड़ितों का जल सत्याग्रह

HighLights

  1. सुपौल के एकडेरा घाट पर कोसी बाढ़ पीड़ितों का जल सत्याग्रह।

  2. मानसून से तटबंध के भीतर गांवों में पानी जमा, जीवन अस्त-व्यस्त।

  3. बाढ़ पीड़ितों ने राहत, पुनर्वास और फसल क्षतिपूर्ति की मांग की।

जागरण संवाददाता, सुपौल। कोसी नव निर्माण मंच के आह्वान पर कोसी तटबंध के भीतर एकडेरा घाट पर कोसी बाढ़ पीड़ितों ने एक दिवसीय जल सत्याग्रह किया। इस दौरान मरौना एवं किशनपुर अंचल के विभिन्न गांवों से पहुंचे बाढ़ पीड़ितों ने कोसी नदी के पानी में खड़े होकर अपनी समस्याएं बताईं और प्रशासन से राहत व पुनर्वास की मांग की। 

जल सत्याग्रह में मरौना अंचल के सिसौनी पंचायत के एकडेरा, जोबहां, सिसौनी पलार तथा किशनपुर अंचल के बैराहा पंचायत के बौराहा, गोढ़ियारी, मानिकपुर, बुर्जा मुसहरी और नोआबाखर पंचायत के परसाही, सिमराहा सहित अन्य गांवों के लोग शामिल हुए। 

कोसी तटबंध के भीतर स्थित गांवों में पानी 

बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि मानसून शुरू होने के बाद से कोसी तटबंध के भीतर स्थित गांवों में पानी जमा है। घर, आंगन और रास्ते पानी में डूबे हैं। एक घर से दूसरे घर तक जाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बनी हुई है। महिला, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग परेशान हैं। पानी में रहने के कारण पशुओं के भी बीमार होने की बात कही गई। बाढ़ के कारण इस वर्ष फसल पूरी तरह बर्बाद होने की बात भी ग्रामीणों ने कही। 

सत्याग्रह में शामिल लोगों ने कहा कि प्रशासन को तटबंध के भीतर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के अनुसार लंबे समय तक चारों तरफ से पानी से घिरे और आवागमन का रास्ता बंद होने वाले गांवों को बाढ़ पीड़ित घोषित किया जाना चाहिए। 

प्रावधानों का समुचित अनुपालन नहीं करने का आरोप

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर इन प्रावधानों का समुचित अनुपालन नहीं करने का आरोप लगाया। बाढ़ पीड़ितों ने जिले को बाढ़ प्रभावित घोषित कर मानक संचालन प्रक्रिया एवं निर्धारित प्रावधानों के तहत जीआर की राशि देने, फसल क्षति का इनपुट अनुदान उपलब्ध कराने, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, तटबंध के भीतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मेडिकल और पशु चिकित्सा के निशुल्क शिविर लगाने की मांग की। इसके अलावा कोसी पीड़ित विकास प्राधिकार को पुनर्जीवित करने, कोसी की छाड़न धाराओं को पुनर्जीवित कर बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में पहल करने की मांग भी की गई। 

कार्यक्रम में सुभाष यादव, जय कुमार, शिव नारायण मंडल, राम कुमार राय, शिव शंकर मंडल, आलोक राय, भूषण कुमार, मूंगा लाल मंडल, इंद्रनारायण सिंह, मो. सदरूल, राजकुमार महतो, रीना देवी, रीता देवी, सरस्वती देवी सहित अन्य लोगों ने अपनी बातें रखीं। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें- कोसी नदी के कटाव से बेघर हुए 200 से ज्यादा परिवार, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर लोग