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बिहार में अब ड्रोन से होगी हाईटेक खेती, ट्रैक्टर से लेकर कृषि यंत्रों तक पर भारी छूट; कैसे मिलेगा लाभ?

Published: Tue, 15 Sep 2026 03:11 PM (IST)

सुपौल जिले में कृषि यांत्रीकरण योजना 2026-27 के तहत किसानों को 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।

बिहार में अब ड्रोन से होगी हाईटेक खेती, ट्रैक्टर से लेकर कृषि यंत्रों तक पर भारी छूट (AI Generated Image)

बिहार में अब ड्रोन से होगी हाईटेक खेती, ट्रैक्टर से लेकर कृषि यंत्रों तक पर भारी छूट (AI Generated Image)

HighLights

  1. 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।

  2. ऑनलाइन आवेदन 8 सितंबर से शुरू, लॉटरी द्वारा किसानों का चयन होगा।

  3. जिले में कस्टम हायरिंग और ड्रोन सेंटर भी स्थापित होंगे।

जागरण संवाददाता, सुपौल। खेती में बढ़ती मजदूरी और लगातार बढ़ रही उत्पादन लागत के बीच जिले के किसानों के लिए राहत की खबर है। कृषि विभाग ने कृषि यांत्रीकरण योजना 2026-27 के तहत आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान देने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

किसान 8 सितंबर से कृषि विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत जिले में इस वर्ष 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रविधान किया गया है। इसके लिए जिले में करीब 366.75 लाख रुपये का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

योजना के तहत लाभुक किसानों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। लॉटरी में चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र यानी परमिट जारी किया जाएगा। परमिट मिलने के बाद किसान निर्धारित अवधि में संबंधित कृषि यंत्र की खरीद कर सकेंगे।

आधुनिक कृषि यंत्रों को किया गया है शामिल

कृषि यांत्रीकरण योजना में खेती के विभिन्न कार्यों में उपयोग होने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों को शामिल किया गया है। इनमें खेत की जुताई, बुआई, रोपनी, निकाई-गुड़ाई, सिंचाई, कटाई एवं दौनी आदि में उपयोग होने वाले यंत्र शामिल हैं।

इसके अलावा उद्यान कार्यों से संबंधित मशीनों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य कृषि कार्यों में मशीनों का उपयोग बढ़ाकर किसानों के समय, श्रम और मजदूरी की लागत को कम करना है।

15 दिन होगी परमिट वैधता की अवधि

ऑनलाइन लॉटरी में चयनित किसानों को जारी परमिट की वैधता 15 दिनों की होगी। इस अवधि के अंदर किसान को निर्धारित कृषि यंत्र की खरीद करना अनिवार्य होगा। तय समय सीमा के भीतर यंत्र की खरीद नहीं करने पर परमिट स्वत: समाप्त हो जाएगा।

कृषि यंत्र खरीदने के समय किसान को उसकी पूरी कीमत का भुगतान करना होगा। इसके बाद नियमानुसार पात्र अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

छह कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य

छोटे एवं सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में छह कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें पांच सामान्य तथा एक अनुसूचित जाति जनजाति के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके लिए 24 लाख रुपये का वित्तीय प्रविधान किया गया है।

प्रत्येक केंद्र की अधिकतम लागत 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस पर 40 प्रतिशत, अधिकतम चार लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसान जरूरत के अनुसार कृषि यंत्र किराये पर लेकर खेती में इस्तेमाल कर सकेंगे।

एक कृषि यंत्र बैंक भी होगा स्थापित

जिले में एक कृषि यंत्र बैंक स्थापित करने का भी प्रविधान किया गया है। इसके लिए आठ लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। कृषि यंत्र बैंक की स्थापना पर लागत का 80 प्रतिशत, अधिकतम आठ लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।

इससे किसानों को जरूरत के समय आधुनिक कृषि मशीनें उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।

10 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर होंगे स्थापित

कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जिले में 10 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कुल 50 लाख रुपये का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि स्नातक आवेदक को ड्रोन की लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम पांच लाख रुपये तक सहायता दी जाएगी।

वहीं, गैर-कृषि स्नातक आवेदक को लागत का 40 प्रतिशत, अधिकतम चार लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। ड्रोन के माध्यम से खेतों में कीटनाशक एवं अन्य कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।

क्या बोले उपनिदेशक?

उपनिदेशक, कृषि अभियंत्रण अरुण कुमार पासवान ने बताया कि कृषि यांत्रीकरण योजना 2026-27 के लिए 8 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुका है। इस वर्ष जिले में 86 प्रकार के कृषि यंत्रों के लिए 366.75 लाख रुपये का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने इच्छुक किसानों से समय पर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के साथ-साथ जिले में 10 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने की भी योजना है।

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