सिवान में ₹195 करोड़ से बदलेगी मछलीपालन की तस्वीर, वेटलैंड से लेकर फिश प्रोसेसिंग तक बनेगी वैल्यू चेन
सिवान में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने वेटलैंड और मत्स्य संसाधनों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
₹195 करोड़ से सिवान में मत्स्य पालन का कायाकल्प होगा।
नए तालाब, हैचरी और आधुनिक तकनीक से उत्पादन बढ़ेगा।
प्रसंस्करण, भंडारण और बाजार तक पहुंच की एकीकृत व्यवस्था बनेगी।
जागरण संवाददाता, सिवान। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा जिले के वेटलैंड और मत्स्य संसाधनों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए सिवान वेटलैंड्स क्लस्टर का कायाकल्प-एक एकीकृत एक्वाकल्चर और निर्यात-उन्मुख वैल्यू चेन परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया है।
मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास निधि के तहत प्रस्तावित इस परियोजना पर कुल एक अरब 95 करोड़ 27 लाख 98 हजार 496 रुपये खर्च होने का अनुमान है।
योजना का उद्देश्य उत्पादन बढ़ाने के साथ मछली के प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन और बाजार तक पहुंच की एकीकृत व्यवस्था विकसित करना है।
जिला मत्स्य प्रसार कार्यालय से मिली जानकारी के तहत प्रस्ताव के अनुसार 350 हेक्टेयर में नए ग्रो-आउट तालाब बनाए जाएंगे। इसके अलावा पांच नए मीठे पानी के फिश हैचरी और 10 मौजूदा हैचरी के उन्नयन का प्रस्ताव है।
वहीं, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 150 बायोफ्लाक पांड, 25 टैंक आधारित बायोफ्लाक यूनिट और 10 आरएएस सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 100 एफपीआर केज भी लगाए जाने हैं।
मछलीपालन के लिए सरकार करेगी मदद
जिला मत्स्य पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि परियोजना में 50 हेक्टेयर में रियरिंग तालाब और 50 हेक्टेयर में फ्रेशवाटर प्रान फार्मिंग का भी प्रविधान है।
वहीं, दो हजार हेक्टेयर वेटलैंड में मछली के अंगुलिकाओं का संचयन किया जाएगा। मछली कारोबार को बाजार से जोड़ने के लिए 15 फिश कियोस्क, 30 ई-रिक्शा, 21 इंसुलेटेड वैन और 15 एफआरपी नाव उपलब्ध कराया जाना है।
वहीं, फिश प्रोसेसिंग प्लांट, 50 टन प्रतिदिन क्षमता का आइस प्लांट, 10 टन प्रतिदिन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज और आठ टन प्रतिदिन क्षमता का फीड प्लांट स्थापित करने की भी योजना है। बीमारी की जांच के लिए नौ मोबाइल डायग्नोस्टिक लैब वैन भी प्रस्तावित हैं।
प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण हाल, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सोलर पंप और पाइपलाइन जैसी सुविधाएं को भी परियोजना में शामिल किया गया हैं।
उन्होंने बताया कि परियोजना के लागू होने पर जिले में उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक एकीकृत मत्स्य वैल्यू चेन विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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