ग्राहक के पैसे को दूसरे खाते में किया ट्रांसफर, आयोग ने पोस्ट ऑफिस पर ठोका जुर्माना
उपभोक्ता आयोग ने डाकघर की सेवा में त्रुटि मानते हुए शिकायतकर्ता ध्रुवनाथ प्रसाद के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
उपभोक्ता आयोग ने डाकघर को सेवा में त्रुटि का दोषी माना।
शिकायतकर्ता ध्रुवनाथ प्रसाद को 13 हजार रुपये ब्याज सहित मिलेंगे।
डाकघर ने ग्राहक की राशि दूसरे खाते में जमा कर दी थी।
जागरण संवाददाता, सिवान। उपभोक्ता आयोग ने डाकघर की सेवा में त्रुटि मानते हुए शिकायतकर्ता ध्रुवनाथ प्रसाद के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने डाकघर को उनकी जमा राशि 13 हजार रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ आदेश की प्रति प्राप्त होने के 30 दिनों के अंदर भुगतान करने का निर्देश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष जयराम प्रसाद ने बताया कि शहर के गांधी मैदान, नया बाजार निवासी ध्रुवनाथ प्रसाद ने भविष्य की जरूरतों के लिए 18 मार्च 2009 को पोस्ट आफिस में 13 हजार रुपये जमा किए थे।
परिपक्वता राशि लेने के लिए कई बार कार्यालय का चक्कर लगाने और कानूनी नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में वाद दायर कर 53 हजार रुपये समेत ब्याज की मांग की।
मामले में डाकघर की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया, इसके बाद आयोग ने उसे जवाब दाखिल करने से वंचित कर दिया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि डाकघर ने शिकायतकर्ता की पासबुक और योजना को ही नकार दिया तथा जमा राशि किसी अन्य आदित्या कुमारी के खाते में जमा कर दी।
आयोग के अध्यक्ष और सदस्य मनमोहन कुमार ने इसे सेवा में स्पष्ट त्रुटि मानते हुए 13 हजार रुपये पर छह प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया। इसके अलावा आर्थिक, शारीरिक व मानसिक परेशानी के लिए दो हजार तथा वाद खर्च के रूप में दो हजार रुपये भी देने होंगे।
30 दिनों में भुगतान नहीं होने पर 13 हजार रुपये पर 2009 से 2026 तक प्रचलित जमा ब्याज दर के आधार पर नौ प्रतिशत ब्याज लागू होगा। 60 दिन बाद शिकायतकर्ता उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 72 के तहत इजराय की प्रक्रिया शुरू करा सकते हैं।
