विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

3 साल बीते, फिर भी अधूरी 50 लाख की गोवर्धन योजना, सिवान में गोबर गैस का सपना अधूरा

Published: Wed, 15 Apr 2026 04:31 PM (IST)

सिवान के हरिहर छपरा गांव में 50 लाख की गोवर्धन योजना तीन साल बाद भी अधूरी है, जबकि इसे चार ...और पढ़ें

सरकार की महत्वाकांक्षी गोवर्धन योजना का काम नहीं हुआ पूरा

सरकार की महत्वाकांक्षी गोवर्धन योजना का काम नहीं हुआ पूरा

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

संवाद सूत्र, सिवान। गांव के घरों में गोबर गैस सप्लाई करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग की ओर से प्रखंड के भीखपुर पंचायत के हरिहर छपरा गांव में 50 लाख की गोवर्धन योजना का निर्माण अबतक अधूरा है।

यह कार्य चार महीने के अंदर पूरा करना था। तीन साल होने को है। इस योजना का कार्य शत प्रतिशत पूर्ण नहीं हो सका है। योजना को वित्तीय वर्ष 2023-24 में शुरू किया गया था। निर्माण एजेंसी के द्वारा एक टैंक का निर्माण किया गया है।

कार्य स्थल पर योजना से सम्बन्धित को प्राक्कलन बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। कार्य में जिला स्तर के विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और समय-समय पर मॉनिटरिंग नहीं करने के कारण यह योजना पूरी तरह समय के साथ धरातल पर नहीं उतर पाया है और न ही पंचायत के लोगों को एलपीजी के बदले बायोगैस का सुविधा मिल पाया।

यह योजना लोगों को जहां गोबर गैस की सुविधा उपलब्ध कराएगी। जिला परिषद सदस्य ब्रजेश कुमार सिंह ने हो रही देरी को लेकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाई कि मांग की है एवं जिलाधिकारी से इसे जल्द से जल्द चालू कराने की मांग की है।

वहीं स्थानीय किसानों को सस्ते दर पर खाद की भी आपूर्ति करेगी। यह योजना लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत संचालित है। इसमें पशु पालकों से गोबर की खरीद की जाएगी। उसी गोबर को संयंत्र में डालकर एक प्रक्रिया के बाद पाइप लाइन के माध्यम से घरो में भोजन पकाने के लिए सप्लाई दिया जाएगा।

इस योजना का दोहरा लाभ भी स्थानीय लोगों को मिलेगा। एक ओर जहां लकड़ी और पारंपरिक ईंधन की बचत होगी। वहीं दूसरी ओर कम दामों में खाना बनाने के लिए गैस एवं खाद की आपूर्ति भी की जायेगी। निर्माण कार्य में भी कम्पनी के द्वारा मानक का ख्याल नही रखा गया है।

डीआरडीए के डायरेक्टर संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि निर्माण एजेंसी को नोटिस किया गया है अगर वह कार्य पूरा नहीं करते हैं तो उनको ब्लैक लिस्ट किया जाएगा और निर्माण किसी दूसरी एजेंसी को दिया जाएगा

यह भी पढ़ें- 15 साल बाद भी ‘लाइफलाइन’ नहीं बन सका नालंदा का VIMS, सुविधाओं के अभाव में मरीज बेहाल

यह भी पढ़ें- औरंगाबाद में रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिलने से सनसनी, परिजन बोले- हत्या कर फेंका