सिवान ब्लास्ट में 5 की मौत: आलमपुर के एक दर्जन घरों में बनते हैं पटाखे, अमरुद्दीन के घर में पहले भी हो चुका था हादसा
सिवान के आलमपुर गांव में पटाखा निर्माण के दौरान हुए भीषण विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई। इस ...और पढ़ें

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
HighLights
सिवान के आलमपुर में पटाखा विस्फोट से तीन लोगों की मौत।
गांव में अवैध पटाखा निर्माण से सुरक्षा पर उठे सवाल।
प्रशासनिक टीम मौके पर, राहत और बचाव कार्य जारी।
जागरण संवाददाता, सिवान। सिवान के जामो थाना क्षेत्र का आलमपुर गांव लंबे समय से पटाखा निर्माण के लिए जाना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में करीब एक दर्जन घरों में पटाखे बनाने का काम होता है। शादी-विवाह और अन्य मांगलिक आयोजनों के लिए दूर-दराज से लोग यहां पटाखों के आर्डर देने पहुंचते थे। दीपावली और छठ के साथ लगन के मौसम में भी पटाखों की मांग बढ़ जाती थी।
एक मकान में आग, फिर लगातार धमाके
शुक्रवार की शाम मो. अमरुद्दीन के मकान में पटाखों में आग लगने के बाद जोरदार विस्फोट होने लगे। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग आसपास के उन मकानों तक भी फैल गई, जहां पटाखे बनाए जाते थे।
देर शाम तक धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। लगातार विस्फोट के कारण आग बुझाने और राहत-बचाव कार्य में जुटे कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना से दो घंटे पहले बाजार पहुंचे थे अमरुद्दीन
स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे से करीब दो घंटे पहले मो. अमरुद्दीन बाइक से बड़हरिया बाजार पहुंचे थे। वहां उन्होंने एक आटो रिक्शा रुकवाया और कुछ बातचीत के बाद घर लौट गए।
जिस दो मंजिला पक्के मकान में विस्फोट हुआ, उसमें अमरुद्दीन और उनके बेटे का परिवार रहता था। हादसे के बाद परिवार और आसपास के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
परिवार पहले भी झेल चुका है हादसा और हत्या
स्थानीय जानकारी के अनुसार, अमरुद्दीन के एक बेटे की वर्ष 2003 में पटाखा बनाने के दौरान मौत हो गई थी। वहीं, उनके बड़े बेटे आजाद आलम की वर्ष 2024 में हत्या कर दी गई थी।
आजाद का शव जीबी नगर थाना क्षेत्र के पिपरा गांव के चंवर से मिला था। हत्या के कारणों को लेकर चर्चा हुई थी, हालांकि मामले में अनुसंधान जारी होने की जानकारी दी गई थी।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
आलमपुर में हुए विस्फोट के बाद रिहायशी इलाकों में पटाखा निर्माण और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में कई घरों में यह काम होता है।
ऐसे में यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि पटाखा निर्माण कहां और किन सुरक्षा मानकों के तहत किया जा रहा था। लगातार धमाकों ने ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी और राहत कार्य को भी मुश्किल बना दिया।
मौके पर पहुंचीं 14 एंबुलेंस, जुटी प्रशासनिक टीम
घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 14 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी और सिविल सर्जन समेत प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं।
दमकलकर्मियों ने मकान में लगी आग बुझाने का प्रयास किया, जबकि एफएसएल टीम सहित संबंधित एजेंसियों की जांच से विस्फोट के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तथ्यों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
भीड़ नियंत्रित करने के लिए करनी पड़ी माइकिंग
विस्फोट की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। लोग अपनों की कुशलक्षेम और हादसे में प्रभावित लोगों की जानकारी लेने के लिए परेशान दिखे।
भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने शाम करीब 7:45 बजे माइकिंग कर लोगों से घर लौटने की अपील की, ताकि राहत और बचाव कार्य में बाधा न आए।
यह भी पढ़ें- सिवान में पटाखा कारोबारी के घर में ब्लास्ट; 3 लोगों की मौत, थानाध्यक्ष और चौकीदार सस्पेंड
