सिवान। महाराजगंज थाना क्षेत्र के घोबवलिया गाव में ऑनर किलिंग के आठ दिन बीत जाने के बाद आज तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इससे पुलिस की जाच पर प्रश्नचिन्ह लगता दिखाई दे रहा है। अभी पुलिस न पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल कर सकी है न सीडीआर। घटना के बाद पुलिस का यह दावा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चल जाएगा कि युवक-युवती की हत्या हुई है या दोनों ने आत्महत्या की है। सीडीआर के माध्यम से यह पता चलेगा कि इस काड में किस-किस का हाथ है। घटना के बाद मृत युवक जितेंद्र कुमार साह की मा शिवकुमारी कुंवर ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर युवती के पिता ईश्वरलाल शर्मा, भाई राजेश कुमार शर्मा, चाचा हृदया शर्मा तथा चचेरे भाई अनिल शर्मा को नामजद अभियुक्त बनाया था। पुलिस ने युवती के पिता ईश्वरलाल शर्मा को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन अभी तीन अन्य अभियुक्त फरार हैं। पुलिस का दावा है कि तीनों की गिरफ्तारी को ले कई जगह पर छापेमारी की गई है, लेकिन सफलता नहीं मिली। काड का मास्टरमाइंड राजेश कुमार शर्मा है। राजेश शर्मा की यदि गिरफ्तारी हो जाती है तो पुलिस की जाच में बहुत आसानी होगी। शिवकुमारी कुंवर आज भी यही रट लगा रही है कि राजेश ने हमरा लाल के मार डाला।

इधर केस के अनुसंधानकर्ता राकेश कुमार रंजन का कहना है कि हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं सीडीआर के लिए कई बार सिवान गए हैं, लेकिन आठ दिन बीत गए, हमें कोई रिपोर्ट नहीं मिल पायी है। इससे जाच में परेशानी हो रही है। ज्ञात हो कि पहली अगस्त की सुबह धोबवलिया गाव स्थित रेलवे लाइन के समीप एक पेड़ से धोबवलिया निवासी ईश्वरलाल शर्मा की पुत्री सविता कुमारी तथा स्व. बांकेलाल के पुत्र जितेंद्र कुमार साह के शव पेड़ से लटके मिले थे। दोनों के शव को देखने से यही लगता था कि दोनों की हत्या कर आत्महत्या का रूप देने के लिए पेड़ से लटका दिया गया है।

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