सिवान के सरकारी स्कूलों में 5 माह से फंसा मिड डे मील का बजट, दुकानदारों ने राशन देने से खींचे हाथ
सिवान के सरकारी विद्यालयों में पिछले पांच माह से मध्याह्न भोजन की राशि लंबित है, जिससे भोजन व्यवस्था प्रभावित हो ...और पढ़ें

5 माह से फंसा मध्याह्न भोजन का बजट
HighLights
सरकारी स्कूलों में पांच माह से मध्याह्न भोजन राशि लंबित।
राशन उधार देने से दुकानदारों ने अब हाथ खींचे।
प्रधानाध्यापकों के सामने भोजन व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती।
संवाद सूत्र, दारौंदा (सिवान)। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की राशि पिछले पांच माह से लंबित है। मई से सितंबर तक राशि नहीं मिलने से विद्यालयों में भोजन की व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। अब तक उधार में राशन और अन्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले दुकानदार भी बकाया भुगतान को लेकर सामान देने से हाथ खड़े करने लगे हैं।
विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों का मध्याह्न भोजन बंद नहीं होना चाहिए। वही दूसरी ओर, राशि उपलब्ध नहीं होने से प्रधानाध्यापकों के सामने व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। उन्हें एक तरफ बच्चों के लिए प्रतिदिन भोजन की व्यवस्था करनी है, तो दूसरी ओर दुकानदारों के बढ़ते बकाये का सामना करना पड़ रहा है।
विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं पर असर
प्रधानाध्यापकों ने बताया कि, लगातार पांच माह से राशि लंबित रहने के कारण विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ रहा है। उधार की सीमा बढ़ने से दुकानदार भी अब आगे सामान देने में असमर्थता जता रहे हैं। ऐसे में विद्यालय प्रबंधन के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि बिना राशि के भोजन व्यवस्था कितने दिनों तक जारी रखी जा सकेगी।
बच्चों के भोजन को लेकर बढ़ी चिंता
प्रधानाध्यापकों का कहना है कि मध्याह्न भोजन बच्चों की रोजमर्रा की जरूरत है। राशि के अभाव में भोजन व्यवस्था प्रभावित हुई तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों पर पड़ेगा। उन्होंने विभाग से लंबित राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है।
इस संबंध में एमडीएम प्रभारी विषकेतु यादव ने बताया कि फिलहाल राशि आने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उम्मीद है कि एक सप्ताह के अंदर राशि प्राप्त हो जाएगी।
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