सिवान: सदर अनुमंडल कार्यालय परिसर में एसडीओ रामबाबू बैठा व एसडीपीओ ने शांति समिति की बैठक शारीरिक दूरी के तहत मंगलवार को की। बैठक में दोनों पक्ष के लोग शामिल हुए। बैठक में कोरोना महामारी के संक्रमण का खतरा देखते हुए महावीरी अखड़ा जुलूस व मुहर्रम के अवसर पर निकलने वाले ताजिया जुलूस नहीं निकालने की अपील की गई। इस दौरान दोनों पक्ष के लोगों ने इसपर हामी भरी। गौर करने वाली बात है कि शिया समुदाय इमाम हुसैन कर्बला के मैदान में दिए गए बलिदान की याद में शोक मनाते हैं। मजलिसों और जुलूसों के माध्यम से इमाम हुसैन व उनके साथ कर्बला के मैदान में शहीद होने वाले 72 शहीदों को याद करते हैं। देश वैश्विक महामारी से जूझ रहा है। इसको लेकर केंद्र व राज्य सरकार दिशा निर्देश जारी कर रही है। उन पर अमल भी किया जा रहा है। मुहर्रम जो शिया समुदाय की आस्था से जुड़ा मामला हैं और इसमें त्याग बलिदान व इंसानियत की बात होती है इमाम हुसैन की याद मनाई जाती है, जो 21 अगस्त से मुहर्रम का महीना शुरू होने वाला हैं। वहीं हिदू धर्म में हर वर्ष महावीरी अखाड़ा जुलूस भी इसी महीने में जगह-जगह निकाला जाता है। बैठक में श्रीनिवास यादव, सुधीर जयसवाल, मुमताज, बड़ी मस्जिद के सचिव, प्रमील गोप सहित शांति समिति के सदस्य शामिल थे।

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