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Navratri 2026 Day 6: आज होगी मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना, विवाह संबंधी बाधाएं होंगी दूर

Published: Fri, 16 Oct 2026 07:00 AM (IST)

शारदीय नवरात्र के छठे दिन सिवान में मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाएगी। मान्यता है कि इनकी आराधना से विवाह ...और पढ़ें

आज होगी मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना, विवाह संबंधी बाधाएं होंगी दूर (AI Generated Image)

आज होगी मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना, विवाह संबंधी बाधाएं होंगी दूर (AI Generated Image)

HighLights

  1. मां कात्यायनी की पूजा से विवाह बाधाएं दूर होती हैं।

  2. जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, सुख-समृद्धि आती है।

  3. कुंडली में बृहस्पति ग्रह की स्थिति मजबूत होने की मान्यता है।

जागरण संवाददाता, सिवान। शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। भक्त मां की आराधना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

आचार्य पंडित उमाशंकर पांडेय ने बताया कि मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत भव्य और तेजस्वी है। इनकी चार भुजाएं हैं और इनका वाहन सिंह है। मां कात्यायनी को शक्ति, साहस और विजय की देवी माना जाता है।

मान्यता है कि इनकी आराधना करने से भक्तों के भय और बाधाएं दूर होती हैं तथा शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने का आशीर्वाद मिलता है।

उन्होंने बताया कि मां कात्यायनी की पूजा विशेष रूप से विवाह संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए फलदायी मानी जाती है। इनकी आराधना से कुंडली में बृहस्पति ग्रह की स्थिति मजबूत होने की भी धार्मिक मान्यता है।

मां को शहद का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु पूजा के दौरान मां को पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और आरोग्य की कामना करेंगे।

मां की कृपा से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलने और जीवन में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।

मां कात्यायनी के मंत्र का करें जाप:

नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

मंत्र : या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

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