शेड और डिस्प्ले बोर्ड लगे फिर भी चालू नहीं हुआ सिवान जंक्शन का प्लेटफॉर्म 5, सात साल से अटका है निर्माण
सिवान जंक्शन पर प्लेटफॉर्म नंबर पांच का निर्माण सात साल से अधूरा है, जिससे यह यात्रियों के लिए अनुपयोगी बना ...और पढ़ें

चालू नहीं हुआ सिवान जंक्शन का प्लेटफॉर्म 5
HighLights
प्लेटफॉर्म 5 का निर्माण सात साल से अधूरा है।
सिवान से पटना के लिए सीधी ट्रेन सेवा नहीं।
प्लेटफॉर्म की कमी से यात्रियों को असुविधा हो रही।
जागरण संवाददाता, सिवान। सिवान जंक्शन पर करीब सात साल से लाइन नंबर सात पर प्लेटफार्म नंबर पांच का निर्माण किया जा रहा है लेकिन आज तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका इस कारण प्लेटफार्म नंबर पांच यात्रियों की सुविधा के लिए उपयोग में नहीं है। जबकि विभाग की मानें तो इस प्लेटफार्म का निर्माण हो चुका है।
विभाग द्वारा यात्री शेड एवं कोच डिस्प्ले बोर्ड भी लगा दिया गया है। बावजूद इसके इस प्लेटफार्म का उद्घाटन नहीं हो पाया है।
जानकारी के अनुसार इंटरलॉकिंग नहीं होने से सिग्नल का काम हस्तचालित किया जाता है। फिलहाल व्यवस्था के अनुसार प्लेटफार्म नंबर एक से अप साइड व प्लेटफार्म नंबर दो एवं तीन से डाउन साइड की ट्रेनों का परिचालन होता है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि यार्ड में सिग्नल सहित अन्य काम बाकी है इसलिए ट्रेनों का परिचालन शुरू नहीं हो रहा है, अभी कोई उम्मीद नहीं है।
सिवान से पटना के लिए सीधी ट्रेन का संकट, पांच साल बाद भी यात्रियों को राहत नहीं
पूर्वोत्तर रेलवे का सिवान जंक्शन उत्तर बिहार के प्रमुख रेल केंद्रों में शामिल है। सिवान के साथ गोपालगंज जिले के हजारों यात्री भी यहां से रेल यात्रा करते हैं। इसके बावजूद राजधानी पटना के लिए सीधी और नियमित रेल सेवा नहीं मिलने से यात्रियों की परेशानी बनी हुई है।
करीब पांच वर्ष पहले सिवान-पाटलिपुत्र रेल लाइन का उद्घाटन होने के बाद यात्रियों को सीधी ट्रेन की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ है।
रेलवे के अनुसार सिवान-पटना खंड पर 18629/18630 गोरखपुर-रांची एक्सप्रेस और 15033/15034 लखनऊ-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस का परिचालन होता है। वहीं, सिवान-हाजीपुर के बीच 46 जोड़ी तथा हाजीपुर-पाटलिपुत्र/पटना के बीच 49 जोड़ी ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
एक वर्ष में बंद हो गई पैसेंजर ट्रेन
रेल लाइन शुरू होने के बाद गोरखपुर-पाटलिपुत्र पैसेंजर ट्रेन का परिचालन शुरू किया गया था। हालांकि, करीब एक वर्ष के भीतर ही इसका परिचालन बंद हो गया। इसके बाद लखनऊ-पाटलिपुत्र सुपरफास्ट एक्सप्रेस को सीधा विकल्प बनाया गया।
प्लेटफार्म की कमी से भी यात्रियों को परेशानी
सिवान जंक्शन पर प्लेटफार्म की कमी के कारण यात्रियों की परेशानी भी है। रात 11 बजे के बाद एक नंबर प्लेटफार्म पर दो पैसेंजर ट्रेनों को खड़ा किया जाता है। इसके चलते मध्यरात्रि से सुबह तक डाउन दिशा की ट्रेनों को एक नंबर की जगह दो नंबर प्लेटफार्म से गुजारना पड़ता है। प्लेटफार्म व्यस्त रहने के कारण डाउन ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म से गुजारना पड़ता है, जिससे यात्रियों को प्लेटफार्म बदलने में परेशानी होती है।
