सिवान में नौनिहालों को मिलेगा मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र: किचेन, मेडिकल रूम और बाथरूम से होंगे लैस
दारौंदा प्रखंड में नौनिहालों के लिए सुविधासंपन्न आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है, जिसके तहत प्रत्येक पंचायत ...और पढ़ें

सिवान में नौनिहालों को मिलेगा मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
दारौंदा में प्रत्येक पंचायत में नए आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे।
केंद्रों में किचेन, मेडिकल कक्ष, बाथरूम जैसी सुविधाएं होंगी।
बच्चों को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और खेलकूद मिलेगा।
संवाद सूत्र, दारौंदा (सिवान)। दारौंदा प्रखंड में नौनिहालों के लिए सुविधासंपन्न आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है। जी राम जी कार्यक्रम के तहत प्रत्येक पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। करीब 9 लाख 45 हजार रुपये की लागत से बनने वाले इन केंद्रों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं को एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है।
प्रस्तावित केंद्रों में किचेन, हॉल, मेडिकल कक्ष, मुक्तांगन और बाथरूम जैसी सुविधाएं रहेंगी। करीब 30 से 50 वर्गमीटर क्षेत्र में केंद्रों के निर्माण की योजना है। कायाकल्प अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर और सुविधा संपन्न बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
दारौंदा प्रखंड में कुल 215 आंगनबाड़ी केंद्र
वर्तमान में दारौंदा प्रखंड में कुल 215 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें करीब 135 केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं, जबकि 13 केंद्र टैग भवनों में संचालित हैं। ऐसे में नए भवनों के निर्माण से किराये के भवनों में चल रहे केंद्रों को स्थायी परिसर मिलने का रास्ता साफ होगा।
पांडेयपुर में दो केंद्रों से शुरुआत
प्रखंड में योजना के तहत निर्माण कार्य की शुरुआत पांडेयपुर पंचायत से की जा रही है। यहां वार्ड संख्या चार और पांच में आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 140 के लिए फलपुर वार्ड संख्या चार तथा खड़सरा वार्ड संख्या पांच में केंद्र निर्माण की योजना है।
अधिकारियों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से प्रखंड की सभी पंचायतों में केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। निदेशक मनीष कुमार सिंह एवं कार्यक्रम पदाधिकारी राजीव कुमार रंजन सहित संबंधित पदाधिकारी योजना की प्रगति पर नजर रख रहे हैं।
नए भवन बनने के बाद बच्चों को सुरक्षित वातावरण के साथ शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और खेलकूद के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि सभी पंचायतों में आगनबाड़ी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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