बाबा हंसनाथ मंदिर से द्रोणाचार्य मंदिर तक, सिवान में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए बनेगी DPR
सिवान जिलाधिकारी ने जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों का दौरा कर विकास की संभावनाओं का जायजा लिया।

जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने किया निरीक्षण। (जागरण)
HighLights
जिलाधिकारी ने सिवान के पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।
विकास की संभावनाओं और सुविधाओं का जायजा लिया।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, सिवान। जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने शनिवार को विभिन्न प्रखंडों में स्थित पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और विकास की संभावनाओं का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों, मंदिर समितियों और प्रबंधकारिणी के सदस्यों से संवाद कर स्थलों के विकास की आवश्यकताओं पर चर्चा की।
जिलाधिकारी ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आगमन, मौजूदा व्यवस्थाओं तथा बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया।
भ्रमण के बाद संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक सूचनाएं शीघ्र एकत्र करने का निर्देश दिया, ताकि विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर विकास की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सके।
तितिरा स्तूप से सोहागरा मंदिर तक पहुंची टीम
जिलाधिकारी ने जीरादेई प्रखंड स्थित ऐतिहासिक महत्व के तितिरा स्तूप का अवलोकन किया। यहां उपलब्ध सुविधाओं और विकास की संभावनाओं की जानकारी स्थानीय प्रशासन से ली।
इसके बाद गुठनी प्रखंड में बाबा हंसनाथ मंदिर, सोहगरा, रामजानकी मंदिर और ग्यासपुर घाट का जायजा लिया। सोहगरा स्थित बाबा हंसनाथ मंदिर में स्थापित विशाल शिवलिंग के दर्शन के लिए विशेषकर सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
वहीं, रामजानकी मंदिर और ग्यासपुर घाट भी स्थानीय लोगों की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और मंदिर समिति के सदस्यों से इन स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार और विकास की जरूरतों पर चर्चा की।
मैरवा और दरौली के धार्मिक स्थलों के विकास पर मंथन
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने मैरवा प्रखंड स्थित बाबा हरिराम ब्रह्मस्थल और चननिया डीह मंदिर का भी निरीक्षण किया। इन स्थलों पर वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है।
यहां धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन को देखते हुए सुविधाओं के विकास पर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद दरौली प्रखंड स्थित द्रोणाचार्य मंदिर और चकरी मंदिर का जायजा लिया।
चकरी मंदिर में ऊंचे शिवलिंग और माता की विशाल प्रतिमा के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। जिलाधिकारी ने सभी स्थलों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का आकलन करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को विकास से जुड़ी आवश्यक जानकारी शीघ्र संकलित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर डीपीआर तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भ्रमण के दौरान विशेष कार्य पदाधिकारी बालेंदु नारायण पांडेय, प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपेंद्र कुमार यादव, वरीय उपसमाहर्ता सह प्रभारी पर्यटन शाखा नीलम कुमारी, निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग मिन्हाजुद्दीन सहित संबंधित प्रखंडों के बीडीओ, सीओ, भवन निर्माण विभाग के अभियंता और अन्य विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
