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सिवान के दारौंदा में 64% आंगनबाड़ी केंद्र किराये के मकानों में, 16 जर्जर सरकारी भवनों में हादसे का डर

Published: Thu, 10 Sep 2026 02:49 PM (IST)

दारौंदा प्रखंड में कुल 215 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 137 किराये के भवनों में चल रहे हैं, जबकि 16 सरकारी भवन जर्जर स्थिति में हैं।

आंगनबाड़ी केंद्र किराये के मकानों में

आंगनबाड़ी केंद्र किराये के मकानों में

HighLights

  1. दारौंदा में 215 में से 137 आंगनबाड़ी केंद्र किराये पर।

  2. 16 सरकारी आंगनबाड़ी भवन जर्जर, बच्चों की सुरक्षा पर खतरा।

  3. स्थायी भवनों की कमी और जर्जर भवनों की मरम्मत बड़ी चुनौती।

संवाद सूत्र, दारौंदा (सिवान)। प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार पूरे प्रखंड क्षेत्र में कुल 215 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 137 केंद्र किराये के भवन में चल रहे हैं, जबकि 78 केंद्र सरकारी भवनों में संचालित हो रहे हैं। 

वहीं, सरकारी भवनों में संचालित केंद्रों में भी 16 भवन जर्जर स्थिति में हैं। प्राप्त आंकड़ों पर गौर करें तो 78 सरकारी भवनों में संचालित केंद्रों में 34 भवन आईसीडीएस द्वारा निर्मित हैं। 

वहीं, 23 केंद्र सरकारी विद्यालयों, आठ सामुदायिक भवनों, एक उप स्वास्थ्य केंद्र, दो पंचायत भवन और एक अंबेडकर भवन में संचालित हो रहे हैं। कुछ अन्य सरकारी भवनों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही है।

64 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवन में 

सबसे गंभीर स्थिति जर्जर भवनों में संचालित 16 आंगनबाड़ी केंद्रों की है। इन केंद्रों में प्रतिदिन छोटे-छोटे बच्चे पहुंचते हैं। भवन की खराब स्थिति से कभी भी हादसे की आशंका बनी रहती है। इससे बच्चों के साथ सेविका और सहायिका की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

प्रखंड में करीब 64 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवन में संचालित हो रहे हैं। इससे स्थायी भवनों की कमी का अंदाजा लगाया जा सकता है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी सेवाएं दी जाती हैं। 

ऐसे में सुरक्षित और सुविधायुक्त भवन जरूरी है। 137 केंद्रों के लिए स्थायी भवन तथा 16 जर्जर भवनों की मरम्मती या वैकल्पिक व्यवस्था विभाग के सामने बड़ी चुनौती है।

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