सिवान। जिले में डेंगू के 30 से ज्यादा मरीजों की पहचान होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिले में संदिग्ध डेंगू के मरीज मिलने के साथ हीं इसका खतरा और बढ़ गया है। पिछले वर्ष भी जिले में 122 से ज्यादा डेंगू के मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग हर वर्ष इससे निपटने के दावे करता है, मगर डेंगू मलेरिया के मच्छर इन दावों पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा शहर के विभिन्न मोहल्लों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर संदिग्ध मरीजों का ब्लड सेंपल एकत्रित किया जा रहा है। साथ हीं उन्हें इससे बचाव को लेकर जागरूक भी किया जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग या नगर परिषद द्वारा छिड़काव नहीं किया जा रहा है। मंगलवार को शहर के दक्खिन टोला में डा. नेसार व डा. संजय कुमार के संयुक्त नेतृत्व में शिविर लगाकर लोगों को डेंगू से बचाव के उपाय बताए गए। साथ हीं साथ संदिग्ध मरीजों का ब्लड सेंपल एकत्रित किया गया। मलेरिया विभाग के बीबीडी यज्ञनाथ शर्मा ने बताया कि शिविर में कुल 14 लोग पहुंचे थे। इनमें से 4 मरीजों का ब्लड सेंपल एकत्रित कर जांच के लिए भेज दिया गया। शिविर में आइडीएसपी के राकेश कुमार सिंह, लैब टेक्नोलोजिस्ट कृष्ण मोहन, केटीएस प्रीति आनंद, जावेद मियादाद, अशोक कुमार का योगदान सराहनीय रहा। डा. नेसार ने बताया कि गुरुवार को शुक्ला टोली हनुमान मंदिर, शुक्रवार को रेलवे स्टेशन, 30 अक्टूबर को पुरानी किला, 31 को कागजी मोहल्ला, 5 नवंबर को चीक टोली और सात नवंबर को फतेहपुर में मेडिकल जांच कैंप लगाया जाएगा।

Posted By: Jagran

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