भारत-नेपाल सीमा पर सुरसंड में गणेशोत्सव की धूम, 25 क्विंटल से अधिक के लड्डू बने आकर्षण का केंद्र
सुरसंड में भारत-नेपाल सीमा पर 27 वर्षों से चले आ रहे सात दिवसीय गणेश पूजनोत्सव में अब तक 25 क्विंटल ...और पढ़ें

भारत-नेपाल सीमा पर सीतामढ़ी के सुरसंड में सात दिवसीय गणेश पूजनोत्सव शुरू।
HighLights
सुरसंड में 27 वर्षों से चल रहा सात दिवसीय गणेश पूजनोत्सव।
भगवान गणेश को 25 क्विंटल से अधिक विशाल लड्डू समर्पित।
451 किलो तक के लड्डू देखने भारत-नेपाल से श्रद्धालु।
संवाद सहयोगी, सुरसंड (सीतामढ़ी)। बिहार के सीतामढ़ी में किसी ने 451 किलो का लड्डू चढ़ाया, तो किसी ने 401 किलो का। आस्था के इस अनूठे उत्सव में भगवान गणेश को अब तक 25 क्विंटल से अधिक लड्डू समर्पित किए जा चुके हैं। बड़े आकार के इन लड्डुओं को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरसंड में सात दिवसीय गणेश पूजनोत्सव शुरू हो गया है। 27 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा इस बार भव्य आयोजन और अनूठी भेंट के कारण आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
27 वर्षों से विराज रहे गणपति बप्पा
नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत बाबा गरीबनाथ प्रांगण के दुर्गा मंडप में गणपति बप्पा की स्थापना वर्ष 1999 में की गई थी। इस बार सात दिवसीय महाउत्सव 21 सितंबर तक चलेगा। यहां भगवान गणेश की आराधना मिथिलांचल की लोक-परंपराओं और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार की जाती है।
451 किलो से 101 किलो तक के लड्डू
गणपति की कृपा से मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु बड़े वजन के लड्डू चढ़ा रहे हैं। अब तक 451, 401, 351, 301, 300, 251, 200, 151 और 101 किलो के एक-एक लड्डू समर्पित किए जा चुके हैं। इन विशाल लड्डुओं को देखने के लिए लोग विशेष रूप से पहुंच रहे हैं। समिति के अनुसार, अब तक कुल 25 क्विंटल से अधिक लड्डू भगवान गणेश को चढ़ाए जा चुके हैं।
50 लाख के बजट से भव्य आयोजन
सात दिवसीय महाउत्सव का कुल बजट करीब 50 लाख रुपये रखा गया है। आकर्षक पूजा-पंडाल, भव्य विद्युत सज्जा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आयोजन को भव्य और अनुशासित रूप देने में गणपति पूजा समिति के पदाधिकारी व सदस्य दिन-रात जुटे हुए हैं।
भारत-नेपाल से पहुंच रहे श्रद्धालु
समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार, उपाध्यक्ष मिंटू कुमार, सचिव निशांत कुमार, उपसचिव पंकज पोद्दार, कोषाध्यक्ष जय श्रीकुमार समेत अन्य सदस्यों ने बताया कि गणपति बप्पा के आगमन से पूरा सुरसंड भक्तिमय माहौल में डूब गया है।
प्रतिदिन भारत-नेपाल क्षेत्र से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। शांति व्यवस्था, सूचना व प्रसारण केंद्र, साफ-सफाई और निःशुल्क भोजन की व्यवस्था भी समिति की ओर से की गई है।
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