सीतामढ़ी में रातभर ड्रोन से घेरा गया चौर, सुबह पुलिस के हत्थे चढ़ा बैद्यनाथ हत्याकांड का मुख्य आरोपित
सीतामढ़ी में बैद्यनाथ महतो हत्याकांड के मुख्य आरोपित त्रिभुवन को पुलिस ने रातभर ड्रोन से कॉम्बिंग ऑपरेशन के बाद गिरफ्तार ...और पढ़ें
HighLights
बैद्यनाथ महतो हत्याकांड का मुख्य आरोपित त्रिभुवन गिरफ्तार।
पुलिस ने रातभर ड्रोन से कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया।
दूसरा नामजद आरोपित एजाज अभी भी फरार, तलाश जारी।
जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। जिला पार्षद पति सह प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो हत्याकांड में फरार चल रहे नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए मंगलवार की पूरी रात पुलिस ने उनके गांव में ड्रोन से कांबिग आपरेशन चलाया और इसके फलस्वरूप बुधवार की सुबह मुख्य आरोपित त्रिभुवन को गिरफ्तार कर लिया गया।
दरअसल, मंगलवार की रात पुलिस को तकनीकी और गुप्त सूचना मिली कि हत्याकांड के नामजद आरोपित एजाज और त्रिभुवन केथरिया चौर के आसपास छिपे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीमों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।घेराबंदी के दौरान चौर से आरोपितों की बाइक बरामद कर ली गई। पुलिस की बढ़ती दबिश के बीच दोनों आरोपित रात के अंधेरे और जंगल-झाड़ियों का फायदा उठाकर छिप गए।
इसके बाद पुलिस ने पूरी रात इलाके को घेरे रखा। जंगल-झाड़ियों और चौर के आसपास पुलिस की टीमें लगातार तलाशी अभियान चलाती रहीं। बुधवार की सुबह पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से हत्याकांड के नामजद आरोपित त्रिभुवन को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस उससे हत्याकांड में उसकी भूमिका और फरारी के दौरान ठिकाने के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
एजाज की तलाश में कांबिंग आपरेशन जारी
वहीं, दूसरे नामजद आरोपित एजाज की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जंगल-झाड़ियों और चौर के आसपास के इलाके में उसके छिपे होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ड्रोन कैमरे की मदद से कांबिंग आपरेशन चला रही है।
पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर भी दबिश दे रही हैं। पुलिस अधीक्षक अमित रंजन का कहना है कि फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।
बैद्यनाथ महतो हत्याकांड के बाद से पुलिस नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। बाइक बरामद होने के बाद पुलिस को आरोपितों के आसपास ही छिपे होने का संदेह हुआ। इसके बाद सुबह तक अभियान जारी रखा गया और त्रिभुवन को गिरफ्तार कर लिया गया।
