किसी ने जीता सोना तो किसी ने चांदी, सीतामढ़ी की छह बेटियों ने बढ़ाया मान
Sitamarhi girls weightlifting : तिरहुत प्रमंडल ने मुजफ्फरपुर में आयोजित राज्यस्तरीय विद्यालय बालिका भारोत्तोलन प्रतियोगिता में ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता।

राज्यस्तरीय विद्यालय बालिका भारोत्तोलन प्रतियोगिता के विजेता ट्राफी के साथ खिलाड़ी।
HighLights
तिरहुत प्रमंडल ने राज्यस्तरीय भारोत्तोलन में ओवरऑल चैंपियनशिप जीती।
सीतामढ़ी की छह खिलाड़ियों ने पदक जीतकर अहम योगदान दिया।
साईं सिमरन ने 86 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में स्वर्ण जीता।
जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। बेटियों के बुलंद हौसले और दमदार प्रदर्शन से तिरहुत प्रमंडल ने राज्यस्तरीय विद्यालय बालिका भारोत्तोलन प्रतियोगिता में अपना परचम लहराया है।
मुजफ्फरपुर में 11 से 15 अक्टूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में तिरहुत प्रमंडल अंडर-19 वर्ग का विजेता और ओवरऑल चैंपियन बना, जबकि अंडर-17 वर्ग में उपविजेता रहा।
इस शानदार सफलता में जिले की छह खिलाड़ियों ने अलग-अलग भार वर्गों में पदक जीतकर अहम भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता में जिले की खिलाड़ियों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनकी उपलब्धि से जिले के खेल जगत में खुशी का माहौल है।
अंडर-17 वर्ग में तान्या कुमारी ने 48 किलोग्राम और प्रीति कुमारी ने 53 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता। वहीं, अंडर-19 वर्ग में गरिमा भारती ने 58 किलोग्राम और वैष्णवी रानी ने 63 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया।
अनन्या कुमारी ने 69 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता। साईं सिमरन ने 86 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया।
जिला भारोत्तोलन संघ के अध्यक्ष अतुल कुमार ने कहा कि तिरहुत प्रमंडल की सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। संघ के संस्थापक अध्यक्ष एवं संरक्षक प्रो. डा. राजकुमार गुप्ता ने कहा कि बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए परिवार और समाज का प्रोत्साहन जरूरी है।
संघ के उपाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रेरणादायक बताया। वहीं, कोषाध्यक्ष डा. राजेश कुमार सुमन ने बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक खेल सुविधाओं पर जोर दिया।
जिला खेल पदाधिकारी मो. इस्लाम ने भी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां अन्य बच्चों को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
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