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किसी में दौड़ने का दम, तो कोई कबड्डी में माहिर, दरभंगा के स्कूलों में खोजी जाएगी खेल प्रतिभा

Published: Fri, 16 Oct 2026 04:38 PM (IST)

सरकारी स्कूलों में मशाल कार्यक्रम के तहत ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। यह ...और पढ़ें

मशाल कार्यक्रम के तहत छात्र छात्राओं का पंजीयन करते शिक्षक।

मशाल कार्यक्रम के तहत छात्र छात्राओं का पंजीयन करते शिक्षक।

संवाद सहयोगी, जाले (दरभंगा)। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए प्रखंड क्षेत्र में मशाल कार्यक्रम के तहत पंजीकरण कराया जा रहा है।

इसके माध्यम से ग्रामीण परिवेश में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और उन्हें प्रतियोगिताओं के जरिए अपनी क्षमता साबित करने का मंच मिलेगा। कार्यक्रम के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू हुई है, जो 25 अक्टूबर तक चलेगी।

इसमें छात्र-छात्राओं को कबड्डी, फुटबाल, साइकिलिंग, लंबी कूद तथा 100 और 800 मीटर दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

इन खेल गतिविधियों से बच्चों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने के साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

मध्य विद्यालय के शिक्षक विक्रमादित्य झा एवं कुमार राघव ने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। सबसे पहले विद्यालय स्तर पर मुकाबले होंगे।

यहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी और विजेता टीमें संकुल संसाधन केंद्र (सीआरसी) स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगी। इसके बाद सफल प्रतिभागियों को प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

शिक्षकों के अनुसार, इस पहल से बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। विद्यालय स्तर से प्रखंड स्तर तक प्रतियोगिताओं के आयोजन से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करना आसान होगा।

साथ ही, बच्चों में नेतृत्व क्षमता और सामूहिक रूप से खेलने की समझ विकसित होगी। मशाल कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों के उन विद्यार्थियों के लिए विशेष अवसर बन सकता है, जिन्हें संसाधनों और उचित मंच के अभाव में अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिल पाता है।

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