पीएम मोदी के 'मन की बात' में सीतामढ़ी के वेस्ट टू वेल्थ मॉडल की तारीफ, पूरे देश में हो रही चर्चा
PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में सीतामढ़ी के 'वेस्ट टू वेल्थ' मॉडल की सराहना ...और पढ़ें
HighLights
पीएम मोदी ने 'मन की बात' में सीतामढ़ी मॉडल सराहा।
सिंगल यूज प्लास्टिक से बन रहे इको-फ्रेंडली फर्नीचर।
बाजपट्टी प्रखंड में कचरे से मजबूत बेंचों का निर्माण।
डिजिटल डेस्क, सीतामढ़ी। Waste To Wealth Bihar: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में बिहार के सीतामढ़ी जिले की प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पहल का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक से इको-फ्रेंडली फर्नीचर बनाने के वेस्ट टू वेल्थ प्रयास की जमकर सराहना की।
पीएम मोदी ने की सराहना
रविवार को प्रसारित प्रधानमंत्री की इस चर्चा के बाद सीतामढ़ी का यह अभिनव स्वच्छता मॉडल अब पूरे देश में चर्चा का केंद्र बन गया है।
सीतामढ़ी का बाजपट्टी प्रखंड प्लास्टिक कचरे से मजबूत और आकर्षक बेंच बनाकर पूरे बिहार को पर्यावरण संरक्षण की नई राह दिखा रहा है।
कचरे से बनी मजबूत बेंच
बाजपट्टी स्थित वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में लगभग 40 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक कचरे को री-साइकिल करके एक मजबूत सिटिंग बेंच बनाई जा रही है। जिला प्रशासन ने इस योजना के तहत बक्सर की राय इंडस्ट्रीज कंपनी के साथ व्यावसायिक समझौता किया है।

प्रखंड में उत्पादन हुआ शुरू
यूनिट में संग्रहित चार हजार किलोग्राम प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण करके प्रथम चरण में 85 आकर्षक सिटिंग बेंचों का निर्माण सफलता पूर्वक किया गया है। इन सभी बेंचों को जिले की विभिन्न ग्रामीण पंचायतों और सरकारी विद्यालयों में उपयोग हेतु भेजा गया है।
हर बेंच पर भारी बचत
कचरे से संसाधन बनाने की इस पर्यावरण अनुकूल तकनीक से प्रत्येक बेंच की खरीद लागत में करीब दो हजार रुपये की सीधी बचत हो रही है। लोहिया स्वच्छ अभियान के तहत बाजपट्टी के अलावा रुन्नीसैदपुर डुमरा और रीगा में भी प्रोसेसिंग यूनिट शुरू की गई हैं।
रुन्नीसैदपुर में जल्द उत्पादन
बाजपट्टी में उत्पादन जारी है और अगले माह से रुन्नीसैदपुर यूनिट में भी प्लास्टिक वेस्ट से बेंच और फर्नीचर बनाने का काम शुरू होगा। सीतामढ़ी के डीएम रिची पांडेय ने निर्मित बेंचों का पंचायतों और पंचायत सरकार भवनों में वितरण कराया है।
प्रतिदिन कचरे का बड़ा कलेक्शन
जिले में बाजपट्टी स्थित प्रोसेसिंग यूनिट के लिए अब तक लगभग 11 हजार किलोग्राम प्लास्टिक कचरे का एकत्रीकरण किया जा चुका है। राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम निदेशक शशिकांत शर्मा के अनुसार जिले में प्रतिदिन 500 से 600 किलोग्राम कचरा एकत्र हो रहा है।
