यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बच्चों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से की भेंट, सौंपा चार्टर ऑफ डिमांड
बाल दिवस पर 20 नवंबर तक चलने वाले बाल अधिकार सप्ताह के दौरान बच्चों ने जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में ...और पढ़ें

सीतामढ़ी । बाल दिवस पर 20 नवंबर तक चलने वाले बाल अधिकार सप्ताह के दौरान बच्चों ने जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में भी बाल दरबार लगाया। बच्चों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी सुनील कुमार यादव से मुलाकात की और उन्हें चार्टर ऑफ डिमांड सौंपे। डीएम ने उन बच्चों से मिलकर प्रसन्नता जताई और कहा कि बाल दरबार एक बेहतरी पहल है। डीएम ने उन बच्चों की मांगों पर जल्द ही कारगर कदम उठाने का भरोसा दिलाया। बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग एवं यूनिसेफ द्वारा यह आयोजन किया जा रहा है। डीएम से मुलाकात के दौरान बच्चों एवं किशोर-किशोरियों ने विगत रविवार 14 नवंबर को •िाला बाल संरक्षण इकाई/बाल गृह और प्रथम संस्था के सहयोग से आयोजित बाल दरबार में अपनी समस्याओं, मुद्दों व अधिकारों को लेकर तैयार किए गए चार्टर ऑफ डिमांड्स और सुझाव सौंपे। डीएम से मिलकर और उनसे बातचीत कर बच्चे-बच्चियां काफी उत्साहित थे। 16 वर्षीय मो वाहिद रेजा ने कहा बालश्रम का उन्मूलन एवं पुनर्वास जरूरी है। 16 साल की अमृता आर्य ने कहा कि बाल विवाह में कमी आई है लेकिन उन्मूलन की दिशा में जागरूकता की जरूरत है। सोनाक्षी ने बताया विद्यालय में संगीत की पढ़ाई हो, बेटी बचाने की दिशा में कार्रवाई की जरूरत है। अपनी बात रखते हुए काल्पनिक नाम एसब छोटू बच्चा ने होम से बाहर पढ़ाई करने की बात बताई। जिलाधिकारी ने सभी बच्चों को बहुत धैर्य से सुना और उनके सवालों के जवाब भी दिए। दो-तीन महत्वपूर्ण सवालों को लेकर डीएम टास्क फोर्स की बैठक करने, नगरपालिका विद्यालय में संगीत शिक्षक के लिए भी संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिए। डीएम ने बाल श्रम एवं बाल विवाह मुक्त जिला बनाने पर बल दिया। मौके पर वरीय उप समाहर्ता सह सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई सोनी कुमारी, ओएसडी मुमुक्षु चौधरी, सीपीओ नीरज खन्ना, दिनेश कुमार, प्रभारी बाल गृह अधीक्षक अभिषेक कुमार, गृह शिक्षिका अर्चना कुमारी, परामर्शी रिकू कुमारी, प्रथम संस्था के सुधीर कुमार, अमित कुमार, वीरेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
