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शिवहर। जिला मुख्यालय के व्यस्ततम सड़कों में जगदीशनंदन सिंह पथ का बुरा हाल है। हल्की बारिश होते ही यहां जल जमाव होना तय है। शनिवार को हुई हल्की बारिश ने इस सड़क की पोल खोल दी। अभी भी कीचड़ एवं जलजमाव कायम है। यह समस्या कोई नई नहीं है। बरसात के दिनों में तो यहां नारकीय स्थिति उत्पन्न हो जाती है करीब पांच सौ मीटर में जलजमाव की स्थिति बनी रहती है। जबकि यह सड़क शहर की अहम सड़क में शुमार है जो गुदरी बाजार से सीधे जिला चौक को जोड़ती है। सबसे बड़ी समस्या नालियों से सड़क पर निकलने वाला गंदा पानी है। जिसकी बदबू से बचने को लोग नाक पर रूमाल रखकर पा करते है। पूर्व में इस जलजमाव को लेकर आसपास के लोग एवं दुकानदारों ने धरना प्रदर्शन भी किया। तत्काल प्रशासन ने आश्वासन देकर विरोध प्रर्दशन रुकवा दिया लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। यह समस्या सिर्फ जगदीश नंदन सिंह पथ की नहीं है। दरअसल शहर में समुचित जल निकासी की व्यवस्था है ही नहीं। कहीं नालियां सड़क से ऊंची हैं तो कहीं नाली का बहाव ही अवरुद्ध है। वहीं शहर के बीचों बीच होकर गुजरने वाली एनएच 104 चकिया- शिवहर- सीतामढ़ी पथ में भी वही हाल है। दोनों ओर नालियों का निर्माण जरूर हो रहा है लेकिन उसके निकास की व्यवस्था तत्काल नहीं है। नतीजतन नालियों का पानी सड़क पर आना लाजिमी है। जानकारों का कहना है कि जब तक शहर की जलनिकासी के लिए मास्टर प्लान बनाकर उसे अमली जामा नहीं पहनाया जाएगा तब तक यह समस्या मुंह चिढ़ाती रहेगी। हालांकि डीएम अरशद अजीज ने इस दिशा में एक दूरदर्शी कदम जरुर बढ़ाया है। जिसमें शहर से सटे फतहपुर होकर निकलने वाली बालसुंदर नदी है। जो मृतप्राय हो गई थी। डीएम श्री अजीज ने उसकी उड़ाही का काम शुरू कर दिया है। ऐसे में अगर एक प्लानिग के तहत शहर के सिवरेज को उक्त नदी से जोड़ दिया जाए तो समस्या का स्थायी समाधान निकल सकता है।

Posted By: Jagran

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