शिवहर। शिवहर में बुधवार को भी भक्ति का माहौल दिखा। बागमती नदी के बेलवा घाट पर भक्ति का मेला लगा रहा। वहीं जलबोझी के लिए भक्तों का रेला लगा रहा। हर-हर महादेव के जयकारे और बोलबम के नारों के बीच इलाका आस्था की चादरों में लिपटा रहा। रंग-बिरंगे परिधान से सजे और हर-हर महादेव का जयकारा लगाते बागमती नदी के पवित्र जल लेकर कांवर लेकर अरेराज में जलाभिषेक के लिए रवाना होते रहे। महिला, पुरुष, वृद्ध और किशोरों का जत्था कांवर लेकर रवाना होती रही। कांवरियों के रातभर जलबोझी कर रवानगी का दौर जारी रहा। कांवर यात्रा को लेकर नदी घाट से लेकर कांवर यात्रा मार्ग तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। वहीं बेलवाघाट के पास नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई थी। जहां कांवरियों को सेवा के साथ परेशानी का निदान किया जा रहा था। घाट पर सुरक्षा को लेकर यशस्त्र बल और एसडीआरएफ की टीम तैनात रही। रोशनी व पानी की भी व्यवस्था रही। मेडिकल टीम भी तैनात रही। जबकि, बीडीओ मो. वाशिक हुसैन, सीओ पुष्पलता कुमारी, थानाध्यक्ष अनिल कुमार सशस्त्र बल के साथ तैनात रहे। बेलवाघाट पर शिवहर के रेजमा, परसौनी, तैयब, श्रीपुर, कोठिया, सरसौला, गडहिया आदि गांवों के हजारों कांवरियों ने जलबोझी किया।

बताते चलें कि, शिवहर से प्रत्येक साल कांवरियों का जत्था पवित्र बागमती नदी का जल लेकर पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज स्थित शिवालय में जलाभिषेक करते रहे है। यह परंपरा काफी पुरानी है। एक अनुमान के तहत प्रत्येक साल एक लाख लोग जलाभिषेक करते रहे है। लेकिन कोरोना की वजह दो साल से जलाभिषेक के लिए कांवर यात्रा नहीं निकल रही थी। इस बार सावन में भी जलाभिषेक का मौका नहीं मिला था। सरकार द्वारा दी गई रियायत के बाद मंगलवार से कांवरियों का जत्था अरेराज को रवाना हो रहा है। बुधवार को दूसरे दिन भी कांवरियों का जत्था अरेराज को रवाना हुआ।

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