विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

राम-जानकी पथ से शिवहर के पर्यटन और विकास को मिलेगी रफ्तार, रूट तय न होने से निर्माण का इंतजार बढ़ा

Published: Wed, 28 Oct 2026 03:00 PM (IST)

राम-जानकी पथ के निर्माण से शिवहर में पर्यटन और विकास को गति मिलेगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों ...और पढ़ें

राम-जानकी पथ (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

राम-जानकी पथ (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. राम-जानकी पथ से शिवहर में पर्यटन और रोजगार बढ़ेगा।

  2. देकुली धाम जैसे ऐतिहासिक स्थलों को मिलेगा बढ़ावा।

  3. रूट निर्धारण में देरी से शिवहर में निर्माण का इंतजार।

नीरज, शिवहर। अयोध्या से जनकपुर तक राम-जानकी पथ के निर्माण से शिवहर में पर्यटन का विकास होगा। साथ ही रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं शिवहर के विकास को रफ्तार मिलेगी। सफर की रफ्तार भी बढ़ेगी। साथ ही लोगों की आर्थिकी में बदलाव आएगा। 

इस सड़क के निर्माण से माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी और जनकपुर आने वाले पर्यटक शिवहर में रुक सकेंगे। यहां इस हाइवे से टीक सटे देकुली धाम में बाबा भुवनेश्वरनाथ महादेव मंदिर है। यह जिले का सबसे बड़ा ऐतिहासिक स्थल है। 

महाभारत काल का शिवलिंग स्थापित 

यहां स्थापित शिवलिंग महाभारत काल का है। इसी स्थल पर द्रोपदी और उसके भाई की उत्पत्ति की बात बताई जाती है। यहां देश-विदेश से लोग आते हैं। राम-जानकी पथ का निर्माण होने के बाद चंपारण से सीतामढ़ी और जनकपुर जाने के लिए जो सड़क गुजर रही है, वह देकुली धाम से गुजरेगी। 

देकुली धाम हाईवे से सटा है। ऐसे में पर्यटक निश्चित रूप से महाभारतकालीन इस धार्मिक स्थल में जरूर रुकेंगे। इससे यहां के बाजार में भी निखार आएगा।

बताते चलें कि श्रीराम जानकी पथ अयोध्या से गोपालगंज से चंपारण के चकिया होते हुए शिवहर शहर से गुजरते हुए सीतामढ़ी जाएगी। सीतामढ़ी के भिट्ठामोड़ में यह सड़क समाप्त होगी। इसके बाद नेपाल में 30 किमी लंबी सड़क का निर्माण नेपाल सरकार कराएगी। 

चकिया से शिवहर की दूरी 40 किमी

चकिया से शिवहर की दूरी 40 किमी और सीतामढ़ी की दूरी 28 किमी है। इसके लिए शिवहर के चार मौजों से 53.5064 एकड़ भूमि अधिग्रहण किया जाना है। दरअसल, एनएच 227 ए को ही रामजानकी पथ के रूप में विकसित किया जाना हैं। टू-लेन की इस हाइवे को फोर लेन में तब्दील किया जाना है।

स्थानीय लोग बताते हैं कि इस हाइवे के विकास से शिवहर की तस्वीर बदल जाएगी। जबकि भू-अर्जन विभाग का कहना हैं कि जल्द ही इसके लिए भूमि का अधिग्रहण शुरू किया जाएगा।

शिवहर में अभी करना होगा इंतजार

अयोध्या जनकपुर श्रीराम जानकी पथ के निर्माण के लिए शिवहर लोगों इंतजार खत्म नहीं हो पा रहा है। चार साल बाद भी शिवहर में इस पथ के निर्माण के लिए अंतिम रूप से अब तक रूट का निर्धारण नहीं होने से लोगों में उहापोह की स्थिति है। 

दरअसल, एनएच 227 ए को ही रामजानकी पथ के रूप में विकसित किया जाना हैं। टू-लेन की इस हाइवे को फोर लेन में तब्दील किया जाना है। इस हाइवे के चौड़ीकरण का प्रस्ताव वर्ष 2022 में ही पारित किया गया था। उस वक्त एनएचएआइ द्वारा शिवहर शहर स्थित हाइवे के दोनों किनारों पर 17-17 फीट में सीमांकन किया गया था। इसके चलते पूरे शहर व बाजार के वजूद पर संकट उत्पन्न हो गया था। 

शिवहर शहर को बचाने के लिए बाईपास का निर्माण

व्यवसायियों के जबरदस्त विरोध के बाद तत्कालीन सांसद रमा देवी की पहल पर शिवहर शहर को बचाने के लिए बाईपास के निर्माण की बात कही गई थी। इसके बाद मामला थमा रहा। 

इधर, प्रशासनिक टीम ने 23 जून को डुमरी कटसरी प्रखंड के श्यामपुर भटहां, भोड़हा, मोहनपुर व बीरा छपरा गांव पहुंचकर न चारों मौजों के स्थल का निरीक्षण किया था। 

प्रशासनिक टीम ने दोबारा 20 अगस्त को इन मौजों का निरीक्षण कर भूमि की प्रकृति तय की थी। इस बीच एनएचएआइ ने इस सड़क का रूट बदलने का फैसला लिया। अब जिला प्रशासन को नये रूट का इंतजार हैं। इसके बाद नए सिरे से भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 

तत्काल जिला प्रशासन ने डुमरी कटसरी प्रखंड के श्यामपुर भटहां, भोड़हा, मोहनपुर व बीरा छपरा के चार मौजों से 53.5064 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने का प्रस्ताव भेज चुकी है।

यह भी पढ़ें- बिहार के शिवहर में आज भी जिंदा है सदियों पुरानी परंपरा, यहां झिझिया करती हैं युवतियां