सारण के मांझी में खतरे के निशान के करीब पहुंची सरयू नदी, तटवर्ती गांवों में बाढ़ की चिंता
सारण के मांझी प्रखंड में सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और खतरे के निशान के करीब ...और पढ़ें

सरयू नदी। फाइल फोटो
HighLights
सरयू नदी का जलस्तर मांझी में खतरे के निशान के करीब।
तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा, ग्रामीणों की चिंता बढ़ी।
कृषि भूमि प्रभावित, प्रशासन से निगरानी की मांग की गई।
संवाद सहयोगी, दाउदपुर/मांझी (सारण)। सरयू नदी के जलस्तर में अचानक तेज वृद्धि से मांझी प्रखंड के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी का पानी तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में चिंता बढ़ गई है। निचले इलाकों में पानी फैलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
गुरुवार को मांझी के प्रसिद्ध रामघाट पर सरयू के बढ़ते जलस्तर और उफनती धारा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। नदी के विकराल रूप को देखकर ग्रामीण संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंतित दिखे।
लोगों का कहना है कि यदि पानी बढ़ने की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए तटवर्ती क्षेत्र में रहने वाले परिवार भी सतर्क हो गए हैं।
ग्रामीण सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की तलाश करने लगे हैं। वहीं पशुपालक अपने मवेशियों को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुटे हैं।
सरयू के बढ़ते पानी का असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है। प्रखंड क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि के प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। खेतों में लगी सब्जियों और अन्य फसलों में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीण हाफिज अमीरुद्दीन, डॉ. दाऊद अली और नीरू अली ने बताया कि नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने पर मांझी के कई निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी कराने और संभावित बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखने की मांग की है। फिलहाल तटवर्ती इलाकों के लोग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
