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नीचे उफनती गंगा, ऊपर से मूसलाधार बारिश: भागलपुर में खतरे के निशान से महज 26 सेमी दूर जलस्तर; सड़कों पर 3 फीट पानी

Published: Thu, 03 Sep 2026 10:54 AM (IST)

भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज 26 सेंटीमीटर नीचे है, जो लगातार बारिश के कारण ...और पढ़ें

Bhagalpur Flood News: भागलपुर में खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा, 12 घंटे में 10 सेमी उछाल; बारिश से दोहरा संकट

Bhagalpur Flood News: भागलपुर में खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा, 12 घंटे में 10 सेमी उछाल; बारिश से दोहरा संकट

HighLights

  1. गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 26 सेमी दूर।

  2. भागलपुर में लगातार बारिश से बाढ़ की स्थिति गंभीर।

  3. कई सड़कें जलमग्न, रिहायशी इलाकों में घुसा पानी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। सिल्क सिटी भागलपुर में बाढ़ और बारिश ने मिलकर दोहरी आफत खड़ी कर दी है। गंगा नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेज उछाल देखा जा रहा है। बुधवार शाम छह बजे जहां नदी का जलस्तर 33.32 मीटर था, वहीं गुरुवार सुबह तक यह 10 सेंटीमीटर चढ़कर 33.42 मीटर पर पहुंच गया।

महज 12 घंटे के भीतर हुई इस अप्रत्याशित वृद्धि से तटवर्ती और दियारा इलाकों में हड़कंप मच गया है। गंगा अब अपने खतरे के निशान (33.68 मीटर) से महज 26 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। यदि जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार रही, तो देर शाम या रात तक नदी लाल निशान को पार कर सकती है।

  • गंगा के जलस्तर में 12 घंटे के भीतर 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी, 33.42 मीटर पर पहुंचा जलस्तर; डेंजर लेवल (33.68 मीटर) से महज 26 सेमी दूर

  • शहर के तटवर्ती क्षेत्रों समेत नाथनगर, सबौर, नवगछिया और दियारा इलाकों के रिहायशी क्षेत्रों में दाखिल होने लगा पानी

  • सड़कों पर चढ़ा सैलाब: जमसी मार्ग डूबा, राजपुर-मुरहन पथ पर तीन फीट से अधिक पानी बहने से आवागमन ठप

  • मौसम विभाग का अलर्ट: बुधवार को 30 मिमी बारिश के बाद अगले दो दिनों तक तेज वर्षा व वज्रपात की चेतावनी, बढ़ा दोहरा संकट

गंगा का पानी अब उफान मारकर रिहायशी बस्तियों, बहियारों और लोगों के दरवाजे तक पहुंचने लगा है। शहर के निचले गंगा तटीय इलाकों से लेकर नाथनगर, सबौर और कहलगांव तक स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। नवगछिया और राघोपुर के दियारा क्षेत्रों में हालात बेहद संवेदनशील हैं। कई प्रमुख संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी चढ़ जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। जमसी सड़क जलमग्न हो चुकी है, जबकि राजपुर-मुरहन पथ पर तीन फीट से अधिक तेज धार बहने के कारण वाहनों का परिचालन बंद है।

गांवों की ओर बढ़ा पानी, घरों में घुसने का डर

सबौर व आसपास के इंग्लिश, रजंदीपुर, ममलखा और लैलख के निचले रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से गांवों के भीतर प्रवेश कर रहा है। उधर सरधो और लोदीपुर के निचले मोहल्लों में भी जलजमाव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। किसान और पशुपालक चारे की किल्लत तथा मवेशियों की सुरक्षा को लेकर ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने को विवश हो रहे हैं।

नीचे गंगा का उफान, ऊपर से मूसलाधार बारिश का सितम

इस आपदा के बीच कुदरत का दोहरा प्रहार स्थानीय आबादी पर भारी पड़ रहा है। नीचे गंगा नदी का जलस्तर उफान पर है और ऊपर से लगातार हो रही बारिश राहत की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ रही। भागलपुर और आसपास के इलाकों में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बीते 24 घंटे में जिले में 30 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को भी मेघगर्जन के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है।

लगातार हो रही बारिश और नदी के बढ़ते प्रवाह ने प्रशासनिक अमले के सामने फ्लड फाइटिंग और राहत कार्यों को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। प्रकृति की इस दोहरी मार से भागलपुर धीरे-धीरे पूरी तरह जलमग्न होने की कगार पर पहुंच गया है।