सारण। श्रम विभाग के धावा दल ने मंगलवार को शहर में भगवान बाजार थानांतर्गत विभिन्न दुकान एवं होटलों पर छापेमारी कर तीन बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया। श्रम विभाग के धावा दल की छापेमारी को देख दुकानदार एवं होटल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ था।

जानकारी के मुताबिक श्रम अधीक्षक रमेश कमल रत्नम को गुप्त सूचना मिली थी कि भगवान बाजार में बाल श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा है।

गुप्त सूचना के आधार पर श्रम अधीक्षक ने धावा दल को बताए गए होटल में छापेमारी करने का निर्देश दिया। उसके बाद धावा दल ने छापेमारी की। जिसमें न्यू वाटिका रेस्टूरेंट से दो बाल श्रमिक जो शहर के अजायबगंज निवासी हैं को विमुक्त कराया गया। उसके बाद धावा दल ने अमित होटल में छापेमारी कर एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया। सभी विमुक्त बाल श्रमिकों की उम्र लगभग 12 वर्ष हैं। इन्हें बालक गृह में फिलहाल आवासित किया गया है। जहां काउंसि¨लग के पश्चात इनके अभिभावकों को उचित पहचान पर बाल कल्याण समिति के आदेश पर सुपुर्द कर दिया जाएगा। श्रम अधीक्षक ने बताया कि यू वाटिका रेस्टुरेंट के संचालक सोनू कुमार तथा अमित होटल के संचालक अमित कुमार के विरुद्ध बाल श्रम अधिनियम के उल्लंघन हेतु सक्षम न्यायालय में अभियोजन दायर किया जाएगा। धावादल में श्रम प्रवर्तन अधिकारी सदर, बनियापुर, एकमा, गड़खा के अतिरिक्त मानस के देवेश नाथ दीक्षित व भगवान बा•ार थाना के जवान शामिल थे।

विदित हो कि पूरे जिले को बाल श्रम मुक्त करने का आदेश विभाग द्वारा किया गया है। इसी कड़ी में विगत दिनों रिविलगंज से भी दो बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया था। रिविलगंज नगर पंचायत को 30 अप्रैल तक बाल श्रम मुक्त घोषित किया जाना है। बाल श्रम करवाने वाले नियोजकों से 20 हजार रुपये प्रति बाल श्रमिक की वसूली सहित प्राथमिकी भी दर्ज की जाती है। इसमें न्यायालय द्वारा आर्थिक दंड के साथ साथ कारावास या दोनों की सजा भी अभियुक्त नियोजक को दी जाती है।

Posted By: Jagran