सारण में सरकारी पैसे के 'खेल' में 2 टीचर सस्पेंड, 1 के खिलाफ सख्त एक्शन की तैयारी
सारण में सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन भुगतान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें ...और पढ़ें

सारण के स्कूल में वेतन भुगतान में गड़बड़ी पर एक्शन। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
सारण में शिक्षकों के वेतन भुगतान में बड़ी गड़बड़ी।
दो शिक्षिकाओं पर सरकारी राशि के गबन का आरोप।
एक शिक्षिका निलंबित, दूसरी के निलंबन की अनुशंसा।
जागरण संवाददाता, छपरा। सारण में सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन भुगतान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है।
वेतन विपत्रों की जांच में सरकारी राशि के कथित फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने दो शिक्षिकाओं के विरुद्ध कार्रवाई की है।
नगरा प्रखंड की विशिष्ट शिक्षिका सुनीता कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
वहीं, जलालपुर प्रखंड की शिक्षिका मनोरमा कुमारी के विरुद्ध निलंबन की अनुशंसा की गई है। दोनों मामलों में खैरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
तीन विद्यालयों के नाम पर हुआ भुगतान
डीईओ कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, शिक्षकों के वेतन भुगतान की समीक्षा में दिसंबर 2025 के वेतन विपत्र में गड़बड़ी सामने आई।
गरा प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय अफौर हरिजन में कार्यरत विशिष्ट शिक्षिका सुनीता कुमारी के बैंक खाते में तीन विद्यालयों के नाम पर राशि का भुगतान किया गया था।
जांच में सरकारी राशि के गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश में उनकी प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाई गई। इस मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना के आवेदन पर 14 अक्टूबर 2026 को खैरा थाना कांड संख्या 348/2026 दर्ज कराया गया था।
जलालपुर की शिक्षिका के खाते में भेजे गए 2.01 लाख
इसी प्राथमिकी से जुड़े दूसरे मामले में जलालपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय अनवल की शिक्षिका मनोरमा कुमारी के बैंक खाते में फर्जीवाड़ा कर 2,01,415 रुपये सरकारी राशि अंतरित किए जाने का मामला सामने आया है।
डीईओ ने अपने पत्र में इसे सरकारी राशि के गबन और दुरुपयोग का मामला बताया है। शिक्षिका के विरुद्ध भी खैरा थाना में इसी कांड संख्या के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। डीईओ ने प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाई के सदस्य को निलंबन की अनुशंसा की है।
45 दिनों में जांच प्रतिवेदन देने का निर्देश
सुनीता कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, मांझी निर्धारित किया गया है।
उनके विरुद्ध विभागीय जांच के लिए डीपीओ+समग्र शिक्षा) को संचालन पदाधिकारी और बीईओ, नगरा को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है। आरोप-पत्र मिलने के 15 दिनों के भीतर शिक्षिका को साक्ष्य सहित अपना बचाव पक्ष प्रस्तुत करना होगा।