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'भागो-भागो बाघ आया' के शोर से सारण में मचा हड़कंप, हकीकत खुली तो निकला दुर्लभ फिशिंग कैट

Published: Thu, 29 Jan 2026 02:28 PM (IST)

सारण के इसुआपुर में बाघ दिखने की अफवाह से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने एक जानवर को बाघ समझकर पीछा ...और पढ़ें

हकीकत खुली तो निकला दुर्लभ फिशिंग कैट

हकीकत खुली तो निकला दुर्लभ फिशिंग कैट

संवाद सूत्र, इसुआपुर (सारण)। इसुआपुर थाना क्षेत्र के हंकारपुर और सढ़वारा गांवों में गुरुवार को बाघ दिखाई देने की अफवाह से इलाके में अचानक हड़कंप मच गया। जानवर के गांव के आसपास देखे जाने की खबर फैलते ही दहशत में आए ग्रामीणों का एक समूह शोर मचाते हुए उसकी तलाश में निकल पड़ा। 

अफरा-तफरी के माहौल के बीच लोग अपनी सुरक्षा को लेकर सहमे रहे और गांव में कुछ देर के लिए भय का वातावरण बना रहा।

भागते हुए अचानक बेहोश हुआ जानवर

इसी दौरान कथित बाघ जैसा दिखने वाला जानवर भागते हुए अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग और स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही इसुआपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक जानवर की मौत हो चुकी थी। 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जानवर देखने में बाघ जैसा प्रतीत हो रहा था, हालांकि उसका आकार अपेक्षाकृत छोटा था। उसकी लंबाई करीब तीन फीट बताई जा रही है।

बाघ नहीं, बल्कि फिशिंग कैट

घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि वह बाघ नहीं, बल्कि फिशिंग कैट था। वन विभाग के अनुसार यह एक दुर्लभ प्रजाति का जंगली जानवर है, जो आमतौर पर जलाशयों और दलदली इलाकों के आसपास पाया जाता है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि फिशिंग कैट पहले से घायल था।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जानवर के मुंह से लार गिर रही थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसे कुत्तों ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। संभवतः इसी चोट के कारण वह दौड़ते समय बेहोश हो गया और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। 

घटना के बाद ग्रामीणों में फैली दहशत धीरे-धीरे समाप्त हो गई। वन विभाग की पहचान के बाद लोगों को राहत मिली कि वह बाघ नहीं था। बाद में ग्रामीणों के सहयोग से मृत फिशिंग कैट को सुरक्षित तरीके से मिट्टी में दफना दिया गया।