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सारण के मकेर में बाढ़ का कहर, पांच लोग बहे; दो के शव मिले, तीन की तलाश जारी

By rajeev ranjanEdited By: Radha Krishna
Published: Thu, 01 Oct 2026 02:28 PM (IST)

मकेर प्रखंड में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंध टूटने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे ...और पढ़ें

HighLights

  1. गंडक नदी के जलस्तर बढ़ने से मकेर में बाढ़ की स्थिति गंभीर।

  2. बाढ़ में बहने से पांच लोग लापता, दो शव मिले, तीन की तलाश जारी।

  3. कई सड़कें जलमग्न, आवागमन बाधित, दो राहत शिविर सक्रिय।

संवादसूत्र, मकेर (सारण)। मकेर प्रखंड में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंध टूटने के बाद पानी का फैलाव लगातार बढ़ रहा है। मकेर, पानापुर सहित आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का पानी तेजी से नए इलाकों में प्रवेश कर रहा है।

इस बीच बाढ़ के पानी में बहने से अब तक पांच लोगों के लापता होने की सूचना है। इनमें से दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि तीन लोगों की तलाश अभी जारी है।

घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। मृतकों की पहचान मकेर थाना क्षेत्र के सुल्तानगंज निवासी शीतल महतो के पुत्र बहादुर महतो तथा धनसी महतो के पुत्र बबन महतो के रूप में हुई है।

पुल के पास तेज बहाव की चपेट में आए तीन लोग

वहीं दक्षिण टोला निवासी मोहम्मद हबीब के पुत्र मोहम्मद अनवर, मोहम्मद नसीम के पुत्र तथा मुन्ना टेलर के पोते के लापता होने की सूचना है। बताया जाता है कि तीनों एक पुल के समीप मौजूद थे। इसी दौरान पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर वे बह गए।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर उनकी खोजबीन शुरू की गई। हालांकि, अभी तक तीनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। तेज बहाव के कारण तलाश अभियान में भी चुनौती सामने आ रही है।

चार से छह फीट पानी में डूबीं कई सड़कें

बाढ़ का पानी लगातार बढ़ने से मकेर प्रखंड के कई गांवों और प्रमुख सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो गया है। भटोली गांव में करीब छह फीट तक पानी बहने की बात सामने आ रही है। वहीं मसूरिया रोड पर करीब पांच फीट तथा भाटा रोड पर लगभग चार फीट पानी बह रहा है।

पानी का तेज बहाव होने के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लोग अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।

एसडीआरएफ की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में चिंता

बाढ़ की स्थिति बिगड़ने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि मकेर बाजार और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल की पर्याप्त मौजूदगी दिखाई नहीं दे रही है।

मकेर बाजार में एसडीआरएफ की टीम नहीं दिखने से लोगों में चिंता बनी हुई है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में एसडीआरएफ की टीम उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

मकेर बाजार में दो राहत शिविर संचालित

मकेर बाजार में फिलहाल दो राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। शिविरों में पूरी, चावल, दाल और सब्जी उपलब्ध कराई जा रही है।

बाढ़ प्रभावित परिवार राहत शिविरों में पहुंचकर भोजन प्राप्त कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

अधिकारियों से संपर्क नहीं होने की ग्रामीणों की शिकायत

इधर, स्थानीय लोगों की शिकायत है कि आपात स्थिति में अधिकारियों से संपर्क करने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को जब मदद की जरूरत पड़ रही है तो कई अधिकारियों के फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है।

इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल की सक्रियता बढ़ाने, जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने तथा आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

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