हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री गिराते समय हुआ हादसा, सारण में बोरी के नीचे दबकर बुजुर्ग की मौत
सारण के परशुरामपुर गांव में गंडक नदी की बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए हेलीकॉप्टर से गिराई जा रही राहत ...और पढ़ें

हेलीकॉप्टर से गिराई जा रही राहत सामग्री। वीडियो ग्रैब
जागरण संवाददाता, छपरा। गंडक नदी की बाढ़ से प्रभावित परशुरामपुर गांव में शुक्रवार को हेलीकाॅप्टर से गिराई जा रही राहत सामग्री के दौरान हादसा हो गया।
राहत सामग्री की बोरी गिरने से उसके नीचे दबकर 65 वर्षीय अनिल कुमार सिंह उर्फ अप्पू सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बताया गया कि बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। प्रभावित लोगों तक सूखा राशन पहुंचाने के लिए हेलीकाप्टर से राहत सामग्री गिराई जा रही थी।
घटनास्थल पर ही तोड़ा दम
इसी दौरान एक बोरी अनिल कुमार सिंह के ऊपर जा गिरी। गंभीर चोट लगने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसमें डीसीएलआर और अंचलाधिकारी के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
अमनौर थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने घटना की पुष्टि की। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया।
सारण में 75 हजार से ज्यादा परिवार प्रभावित
बता दें कि सारण में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले के सात प्रखंडों की 33 पंचायतों के 170 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
करीब 3.32 लाख आबादी और 75,286 परिवार प्रभावित हैं। अब तक 43,400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 20 चिकित्सा शिविर और पांच चलंत चिकित्सा दल स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। पशुओं के लिए आठ चिकित्सा शिविर संचालित हैं, जहां 370 पशुओं का उपचार किया गया है।
153.5 क्विंटल पशु चारा वितरित किया जा चुका है। विस्थापित लोगों के लिए 14 राहत केंद्रों में 40 हजार लोगों को आश्रय दिया गया है।
46 सामुदायिक रसोई में अब तक 50,550 लोगों को भोजन कराया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में 2,540 नावें चल रही हैं तथा 2,650 खाद्य व सूखा राशन पैकेट बांटे गए हैं।
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