छपरा में शिक्षा विभाग का बड़ा खेल: कागजों पर तैनात रहे 'फर्जी' शिक्षक, रिश्तेदारों के खातों में पहुंचती रही सैलरी
सारण के नगरा में शिक्षा विभाग में 8.84 लाख रुपये से अधिक का वेतन घोटाला सामने आया है। फर्जी शिक्षकों ...और पढ़ें

नगरा शिक्षा विभाग में बड़ा वेतन घोटाला, फर्जी शिक्षकों के नाम पर लाखों का गबन (AI Generated Image)
HighLights
फर्जी शिक्षकों के नाम पर वेतन का गबन।
प्रखंड लेखापाल, बीईओ और लिपिक पर आरोप।
8.84 लाख से अधिक की अनियमित निकासी।
जागरण संवाददाता, छपरा। सारण के नगरा में सरकारी वेतन को ठिकाने लगाने का कथित खेल कुछ इस तरह चला कि कागजों पर कभी एक विद्यालय में शिक्षक की तैनाती दिखाई गई, तो कभी दूसरे विद्यालय में। नाम फर्जी, पदस्थापन संदिग्ध और यूएएन किसी दूसरे शिक्षक का, लेकिन वेतन की राशि रिश्तेदारों और करीबियों के बैंक खातों में पहुंचती रही।
विभागीय जांच में सामने आया है कि प्रखंड लेखापाल सह डेटा एंट्री ऑपरेटर राजीव कुमार ने वेतन विपत्रों में कथित हेरफेर कर इस तरह भुगतान कराया। अब इस मामले में नगरा के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विष्णु कुमार और शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा के निम्नवर्गीय लिपिक रोशन कुमार को भी आरोपित बनाया गया है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) प्रियंका रानी ने 14 अक्टूबर को खैरा थानाध्यक्ष को पत्र भेजकर 8.84 लाख रुपये से अधिक की कथित अनियमित निकासी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कभी रामपुर कला तो कभी रसूलपुर में दिखाया पदस्थापन:
जांच में आलोक प्रसाद नाम के व्यक्ति को नगरा के केपीएस रामपुर कला का शिक्षक दर्शाया गया, जबकि वह वास्तविक शिक्षक नहीं है। उसके नाम पर दर्ज यूएएन सुमित्रा कुमारी को आवंटित था।
जून 2026 की अनुपस्थिति विवरणी में उसे प्राथमिक विद्यालय अफौर हरिजन में पदस्थापित दिखाया गया और गायत्री कुमारी का यूएएन दर्ज किया गया।
मई 2026 की विवरणी में विद्यालय बदलकर प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर कर दिया गया। इसमें माला कुमारी का यूएएन इस्तेमाल हुआ।
आलोक प्रसाद के खाते में जनवरी 2025 से अक्टूबर 26 के बीच कुल 5,77,869.50 रुपये अंतरित किए गए। पत्र में कहां गया है कि राजीव कुमार आलोक प्रसाद के रिश्तेदार हैं।
माला के यूएएन से सौरभ के खाते में भुगतान:
जुलाई और अगस्त 2026 के वेतन विपत्र में माला कुमारी का यूएएन इस्तेमाल कर उत्क्रमित मध्य विद्यालय रसूलपुर में पदस्थापन दिखाया गया। हालांकि, भुगतान के लिए दर्ज बैंक खाता सौरभ कुमार के नाम पर था। इस खाते में दो किस्तों में कुल 1,04,958 रुपये भेजे गए।
जलालपुर में पदस्थ शिक्षिका को नगरा का शिक्षक बताया:
मनोरमा कुमारी को कभी उत्क्रमित मध्य विद्यालय रसूलपुर, तो कभी प्राथमिक विद्यालय रामपुर कला में पदस्थापित दिखाकर वेतन भुगतान किया गया। उनके नाम पर दर्ज यूएएन अनिता कुमारी का था।
जांच में पता चला कि संबंधित शिक्षिका जलालपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय अनवल में पदस्थापित हैं। उनके खाते में चार किस्तों में कुल 2,01,415 रुपये अंतरित किए गए। पूछताछ में राजीव कुमार ने संबंधित शिक्षिका को अपनी करीबी बताया।
एक ही खाते और यूएएन से तीन शिक्षिकाओं की प्रविष्टि:
दिसंबर 2025 के वेतन विपत्र में सुनीता कुमारी के नाम पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय रसूलपुर, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय बंगरा और नवसृजित प्राथमिक विद्यालय टंकिया में पदस्थापन दर्शाया गया। तीनों प्रविष्टियों में एक ही बैंक खाता और अनिता कुमारी का यूएएन इस्तेमाल किया गया।
बीईओ और स्थापना शाखा के लिपिक पर भी आरोपित:
डीपीओ (स्थापना) के पत्र में राजीव कुमार, प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विष्णु कुमार और स्थापना शाखा के लिपिक रोशन कुमार पर सरकारी राशि के गबन का आरोप लगाया गया है। आलोक प्रसाद, सौरभ कुमार, मनोरमा कुमारी और सुनीता कुमारी को भी नामजद आरोपित बनाया गया है।
