विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सारण राजकीय डिग्री कॉलेज में पढ़ाई तो शुरू, लेकिन अधूरे शौचालय और स्टाफ की कमी से व्यवस्था प्रभावित

Published: Fri, 25 Sep 2026 02:22 PM (IST)

दरियापुर के राजकीय डिग्री कॉलेज में पढ़ाई शुरू हो गई है, लेकिन गैर-शिक्षण कर्मचारियों की कमी और अधूरे शौचालय निर्माण से महिला छात्रों और कर्मचारियों को परेशानी हो रही है।

सारण राजकीय डिग्री कॉलेज में पढ़ाई तो शुरू

सारण राजकीय डिग्री कॉलेज में पढ़ाई तो शुरू

HighLights

  1. दरियापुर कॉलेज में पढ़ाई शुरू, पर गैर-शिक्षण स्टाफ की कमी से दिक्कतें।

  2. अधूरे शौचालय निर्माण से छात्राओं और महिला कर्मियों को असुविधा।

  3. प्राचार्य ने बताया, ठेकेदार एक सप्ताह में शौचालय कार्य पूरा करेगा।

संवाद सूत्र, दरियापुर (सारण)। प्रखंड के राजकीय डिग्री कॉलेज, दरियापुर में शैक्षणिक सत्र शुरू हुए ढाई माह से अधिक समय बीत चुका है। कालेज में पठन-पाठन का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है, लेकिन नन टीचिंग स्टाफ की कमी और परिसर में शौचालय निर्माण का काम अधूरा रहने से महिला कर्मियों और विशेषकर छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कॉलेज में हिन्दी, अंग्रेजी, सोशियोलाजी और पालिटिकल साइंस की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। अब तक करीब 80 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। 

प्रतिदिन 40 से 45 विद्यार्थियों की उपस्थिति 

कॉलेज प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन 40 से 45 विद्यार्थियों की उपस्थिति रहती है। शिक्षण कार्य के लिए 12 स्थायी प्रोफेसर नियुक्त हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि नियमित रूप से कक्षाएं संचालित हो रही हैं और शिक्षकों द्वारा पढ़ाई कराई जा रही है।

कॉलेज भवन में कक्षाओं के संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध है, लेकिन नन टीचिंग स्टाफ की कमी के कारण कार्यालय से जुड़े कई कार्यों का निष्पादन भी शिक्षकों को करना पड़ रहा है। सुबह से शाम तक कालेज की विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों में शिक्षकों के शामिल होने से उन पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है। 

तीन माह पहले शुरू हुआ शौचालय निर्माण

वहीं, कॉलेज परिसर में शौचालय निर्माण का कार्य करीब तीन माह पहले शुरू हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। वर्तमान में शौचालय में फर्श की फिनिशिंग और पानी की व्यवस्था का काम बाकी है। इससे छात्राओं और महिला स्टाफ को दैनिक जरूरतों के लिए परेशानी होती है।

कॉलेज के प्राचार्य अभय कुमार ने बताया कि शौचालय निर्माण कार्य में देरी को लेकर संवेदक से बात की गई है। संवेदक द्वारा एक सप्ताह में काम पूरा करने की बात कही गई है। नन टीचिंग स्टाफ की कमी के कारण भी कालेज के नियमित कार्यों में परेशानी हो रही है।

यह भी पढ़ें- सोनपुर मेला 2026: सैरातों की नीलामी को 4.15 लाख सुरक्षित राशि तय, 32 दिनों तक चलेगा एशिया का सबसे बड़ा मेला