छपरा। जिले के नौ पंचायतों में कार्यरत ग्रामीण आवास सहायक के विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकती हैं। बार-बार उप विकास आयुक्त द्वारा स्पष्टीकरण पूछे जाने के बाद भी जवाब नहीं दिया गया हैं। इसको देखते हुए अंतिम बार स्पष्टीकरण पूछा गया हैं। उप विकास आयुक्त ने मांझी प्रखंड के ताजपुर एवं मदनसाठ, दरियापुर प्रखंड के मगरपाल एवं सुतिहार, पानापुर प्रखंड के सतजोड़ा, परसा प्रखंड के माड़र, सोनपुर प्रखंड के चतुरपुर, अमनौर प्रखंड के बसंतपुर तथा छपरा सदर प्रखंड के डुमरी पंचायत के ग्रामीण आवास सहायक से स्पष्टीकरण पूछा गया हैं। उप विकास आयुक्त ने अपने पत्र में कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत द्वितीय एवं तृतीय किस्त भुगतान में जिला स्तर पर सबसे खराब प्रदर्शन इन पंचायतों के ग्रामीण आवास सहायकों द्वारा किया गया हैं। जिसको लेकर उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया हैं। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत द्वितीय एवं तृतीय किस्त भुगतान की स्थिति काफी असंतोषजनक हैं। यह आंकड़ा 30 प्रतिशत से भी कम हैं। आप लोगों की असमानता के कारण जिले का प्रदर्शन राज्य स्तर पर काफी नीचे चला गया हैं। जिला स्तर पर कई बार बैठक आयोजित कर कार्य में सुधार हेतु व्यक्तिगत रूप से निर्देशित किया जा चुका हैं, इसके बावजूद भी कार्य प्रणाली में किसी प्रकार की कोई सुधार नहीं हुई हैं। 7 सितंबर को विभाग द्वारा वीडियो कांफ्रें¨सग के माध्यम से ऐसे ग्रामीण आवास सहायकों के विरुद्ध कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया हैं। उप विकास आयुक्त ने बीडीओ के माध्यम से स्पष्टीकरण तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें संविदा मुक्त करने की कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।

ये प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण) के तहत सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले ग्रामीण आवास सहायक है जिनसे कई बार सुधार लाने हेतु कहा गया. कई स्पष्टीकरण पूछा गया है.. यह अंतिम चेतावनी है.. इसके बाद इन सभी की संविदा समाप्त करते हुए सेवा से बरखास्त करने की कार्रवाई की जायेगी..

इसी आशय की खबर निकालनी है।

Posted By: Jagran