सारण। सूर्य के दक्षिणायण से उत्तरायण होने पर शनिवार को मकर संक्रांति (खिचड़ी) पूरे आस्था व श्रद्धा के साथ मनाई गई। मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने गंगा, गंडक व सरयू नदी में आस्था में की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालु महिला-पुरुषों ने दान -पुण्य किया। नदी घाटों पर सुबह से ही स्नान करने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। नदी घाट हर-हर महादेव, जय गंगा मईया के जयघोष से गूंज उठा।

शहर के सोनारपट्टी घाट, धर्मनाथ मंदिर घाट, सीढ़ी घाट, डोरीगंज के तिवारी घाट, बंगाली बाबा घाट, रिविलगंज के गौतम ऋषि घाट, थाना घाट, विजय राय के टोला घाट, मांझी घाट के श्रीरामघाट पर स्नान करने के लिए महिला-पुरुषों की भीड़ उमड़ी थी। सनातन धर्म में ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भीष्म पितामह को मोक्ष मिला था। पं. अनीत शुक्ल ने बताया कि मकर संक्रांति को स्नान और दान करने पर उसका फल कई जन्मों तक मिलता है। इसलिए श्रद्धालुओं ने दान किया। कई लोगों ने तिल, गुड़, चूडा-दही खिचड़ी आदि के साथ लकड़ी व अग्नि दान किया। स्नान के बाद लोगों ने दोपहर में दही -चूड़ा के साथ तिल -तिलकुट खाया। रात में महिलाओं ने नये चावल का खिचड़ी बनाकर खाया। खिचड़ी में दोस्तों व अन्य रिश्तेदारों को भी लोग आमंत्रित कर खिचड़ी खिलाए। खिचड़ी को लेकर शहर से लेकर गांव तक उत्सवी माहौल था। रेवाघाट पर दिखा कोरोना का असर, नहीं जुटे स्नान करने वाले श्रद्धालु

संस, मकेर(सारण) : शनिवार को मकर संक्रांति का त्योहार पूरे श्रद्धा के साथ मनाया गया। कोरोना के कारण लगे प्रतिबंध के कारण रेवाघाट स्थित गंडक नदी के पावन तट पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं दिखी। वहीं इस मौके पर लगे मेला में भी सिर्फ दुकानदार ही दिख रहे थे। दुकानदार रमेश, हरीश अफसाना, मदीना आदि ने बताया कि सुबह से ही दुकान लगाए हैं, लेकिन इस बार स्नान करने वाले लोग नही आ रहे है, जिससे सभी समान ऐसे ही पड़ा हुआ है। शनिवार को मकर संक्रांति को लेकर दर्जनों छोटे दुकानदार रेवाघाट पर अपनी दुकान लगा ग्राहकों का इंतजार करते रहे, लेकिन कड़ाके की ठंड एवं कोरोना गाइड लाइन के कारण स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के नहीं पहुंचने से दुकानदार परेशान दिखे। मकर संक्रांति पर श्रदालुओं ने लगायी गंगा मे डुबकी

संसू, डोरीगंज : छपरा सदर प्रखंड के विभिन्न गंगा घाटों पर मंकर संक्राति के पुण्य अवसर पर श्रद्वालुओं ने गंगा मे डुबकी लगायी । प्रखंड के डोरीगंज घाट, तिवारी घाट , रहरिया घाट, महुआ घाट, बंगाली बाबा घाट पर मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा मे डुबकी लगा कर श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्यदेव को जल अर्पित किया। वैसे कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण अन्य वर्षों की अपेक्षा काफी कम संख्या मे श्रद्धालु गंगा घाटों पर दिखे । वहीं जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे । इस दौरान सदर अंचलाधिकारी सत्येंद्र सिंह, अंचल अमीन राजेंद्र राय सहित एसडीआरएफ की टीम घाटों पर मुस्तैद दिखी । मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान को विशेष महत्व दिया गया है । ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन गंगा में स्नान करने से दैहिक, दैविक एवं भौतिक सुख की प्राप्ति होती है । नदी घाट पर पूर्व की तरह दुकानें नहीं सजी और मेला भी नहीं लग पाया। मांझी में विभिन्न घाटों पर हजारों लोगों ने लगाई डुबकी, नहीं दिखा कोरोना का खौफ

संसू, मांझी : मकर संक्रांति को लेकर मांझी के राम घाट पर शनिवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों लोगों ने सरयू नदी में डुबकी लगाई। प्रशासन के रोक के बाद भी प्रसिद्ध रामघाट सहित ताजपुर, डूमाइगढ़, डुमरी, बाबा मधेश्वरनाथ आदि घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने नदी में आस्था की डुबकी लगाई । उसके बाद दान-पुण्य किया। फिर प्रेम से दही-चूड़ा का स्वाद चखा। स्नान करने के लिए विभिन्न इलाके से लोग सुबह से लेकर दोपहर बाद तक पहुंचते रहे। घाट पर मेला लगा रहा। कोरोना का किसी पर असर नहीं दिख रहा था। बेखौफ बिना मास्क लगाए लोग अपने मस्ती में घूम फिर रहे थे। हालांकि प्रशासन द्वारा मेला एवं भीड़ पर रोक लगाई गई थी। लेकिन इसका लोगों पर कोई असर नहीं रहा। हालांकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नदी किनारे कोई अनहोनी न हो इसके लिए नाव के साथ गोताखोर तैनात थे। स्थानीय सीओ धनंजय कुमार मांझी के पुलिस अधिकारियों व जवानों के सजग दिखे। मांझी का इंचकेप नवनिर्माणरत ब्रिज एरिया व रेलवे पुल सेल्फी जोन बना रहा।

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