SH90 पर कचरा फेंककर आगजनी, मानदेय की मांग को लेकर सारण में सफाईकर्मियों का हंगामा
मशरक नगर पंचायत में सफाईकर्मियों ने मानदेय वृद्धि, नियमित भुगतान और सुरक्षा उपकरण की मांग को लेकर हड़ताल कर दी। ...और पढ़ें
HighLights
सफाईकर्मियों ने मानदेय वृद्धि और नियमित भुगतान की मांग की।
सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की भी प्रमुख मांग रखी गई।
एसएच-90 पर कचरा फेंककर आगजनी और सड़क जाम किया।
संवाद सूत्र, मशरक (सारण)। नगर पंचायत मशरक में सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण सोमवार को सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। मानदेय बढ़ाने, नियमित भुगतान और सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग को लेकर दो दर्जन से अधिक कर्मियों ने काम बंद कर प्रदर्शन किया।
इस दौरान स्टेशन रोड, दुर्गा चौक, महावीर चौक समेत विभिन्न स्थानों पर कचरा सड़क किनारे जमा हो गया। सफाईकर्मी झाड़ू, टोकरी और ठेला लेकर प्रदर्शन करते हुए दुर्गा चौक पहुंचे।
यहां छपरा-मशरक एसएच-90 पर कचरा डालकर आगजनी की और सड़क जाम कर दिया। इससे सड़क पर वाहनों का आवागमन बाधित हो गया और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने समझाकर समाप्त कराया जाम
जाम की सूचना पर थानाध्यक्ष उज्ज्वल कुमार, अपर थानाध्यक्ष संपूर्णानंद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने सफाईकर्मियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। इसके बाद यातायात बहाल हो गया। पुलिस ने उनकी मांगों को लेकर बैठक कर समाधान की दिशा में पहल का आश्वासन दिया।
420 रुपये दैनिक मजदूरी की मांग
सफाईकर्मियों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में प्रतिदिन करीब 200 से 250 रुपये ही मिलते हैं। उन्होंने न्यूनतम मजदूरी के तौर पर 420 रुपये प्रतिदिन भुगतान की मांग की है।
सफाईकर्मी अरुण बांसफोड़, विशाल कुमार और अनिल कुमार समेत अन्य ने बताया कि लंबे समय से सफाई कार्य करने के बावजूद मजदूरी में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।
कर्मियों ने दस्ताने, जूते, मास्क समेत जरूरी सुरक्षा उपकरण नियमित रूप से उपलब्ध कराने की भी मांग की। उनका कहना है कि नालियों और कचरे के बीच काम करने के दौरान कांच, लोहे और अन्य धारदार वस्तुओं से चोट का खतरा रहता है।
करीब एक सप्ताह पहले भी सफाईकर्मियों ने चेयरमैन सोहन महतो के आवास का घेराव कर मांगों को लेकर विरोध जताया था। मांगों पर ठोस पहल नहीं होने से सोमवार को उन्होंने हड़ताल कर दी। हड़ताल के कारण बाजार और सड़कों के किनारे कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी हुई।
