विशंभरपुर लैब निर्माण में धांधली की शिकायत, सारण का आवेदन गलती से पहुंचा औरंगाबाद डीएम के पास
सारण के दरियापुर प्रखंड में रघुनाथ जगन्नाथ उच्च विद्यालय, विशंभरपुर में लैब निर्माण में घटिया सामग्री की शिकायत का आवेदन गलती से औरंगाबाद के जिलाधिकारी के पास पहुंच गया है।

विशंभरपुर लैब निर्माण में धांधली की शिकायत (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
विशंभरपुर लैब निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग की शिकायत।
सारण शिकायत आवेदन गलती से औरंगाबाद डीएम को भेजा।
प्रशासनिक चूक से अधिकारी और कर्मी असमंजस में।
जागरण संवाददाता, छपरा। सारण के दरियापुर प्रखंड कार्यालय में इन दिनों एक आवेदन ने अधिकारियों और कर्मियों को उलझन में डाल रखा है। मामला रघुनाथ जगन्नाथ उच्च विद्यालय, विशंभरपुर में बन रहे लैब भवन में कथित रूप से घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायत से जुड़ा है। ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर गुणवत्ता की जांच की मांग की थी, लेकिन शिकायत का रास्ता ऐसा बदला कि मामला सारण से निकलकर सीधे औरंगाबाद पहुंच गया।
शिकायत सारण में, कार्रवाई औरंगाबाद में
15 सितंबर को आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीण अर्जुन महतो, लवकुश कुमार, धीरज कुमार, हरिहर महतो, पप्पू कुमार यादव, हरिशंकर कुमार महतो, रविंद्र सहनी और शिवनाथ राय ने आवेदन देकर लैब निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की किसी गुणवत्ता नियंत्रण एजेंसी से जांच कराने की मांग की थी।

बताया जाता है कि दरियापुर बीडीओ अरुण कुमार ने आवेदन को अग्रसारित करते हुए औरंगाबाद के जिलाधिकारी से कार्रवाई कर पत्र उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही आवेदन को सहयोग पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश भी दिया गया।
कर्मियों के सामने अब नया सवाल
सारण के विद्यालय और निर्माण कार्य से जुड़े इस आवेदन को औरंगाबाद डीएम तक पहुंचाने के निर्देश के बाद प्रखंड कार्यालय के कर्मी भी असमंजस में हैं। चर्चा है कि आखिर सारण की शिकायत की जांच औरंगाबाद प्रशासन कैसे करेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि आवेदन संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी या जिले के सक्षम अधिकारी को भेजा जाना चाहिए था। अब इस प्रशासनिक चूक की चर्चा पूरे प्रखंड कार्यालय में है।
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