करवा चौथ पर बन रहा है दुर्लभ शुभ संयोग, रोहिणी नक्षत्र से बढ़ेगा पर्व का महत्व; जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
दिघवारा सहित सारण में सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखेंगी। इस बार रोहिणी ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
पति की लंबी आयु के लिए सुहागिनें रखेंगी निर्जला व्रत।
चंद्रमा वृष और बृहस्पति कर्क राशि में, शुभ संयोग।
रोहिणी नक्षत्र और शुभ मुहूर्त में होगी करवा चौथ पूजा।
संवाद सूत्र, दिघवारा (सारण)। पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं गुरुवार को करवा चौथ का व्रत रखेंगी। पर्व को लेकर दिघवारा सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है।
बुधवार को ग्रामीण बाजारों में पूजन सामग्री, पारंपरिक परिधानों, आभूषणों, मेहंदी और शृंगार की वस्तुओं की खरीदारी के लिए महिलाओं की चहल-पहल रही।
महिलाओं ने व्रत की तैयारी पूरी कर ली है। दिघवारा की रेखा देवी, मीना देवी, सविता देवी और पूजा देवी ने बताया कि करवा चौथ उनके लिए आस्था और पारिवारिक प्रेम से जुड़ा विशेष पर्व है।
परंपरा के अनुसार, महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करेंगी और दिनभर निर्जला व्रत रखेंगी। शाम को पूजा-अर्चना और करवा चौथ की कथा सुनने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी।
चंद्रमा और वृहस्पति की स्थिति शुभ
आमी मंदिर के पुजारी भीखम बाबा उर्फ जितेंद्र तिवारी ने बताया कि इस बार करवा चौथ पर चंद्रमा वृष राशि में और वृहस्पति कर्क राशि में रहेंगे। दोनों ग्रहों का अपनी उच्च राशि में होना शुभ संयोग माना जाता है।
इसके साथ ही 29 अक्टूबर की सुबह 11:11 बजे तक रोहिणी नक्षत्र की उपस्थिति पर्व के महत्व को बढ़ाएगी। चंद्र दर्शन कर व्रत खोलने की परंपरा के कारण इस दिन चंद्रमा की स्थिति विशेष महत्व रखती है।
शाम में होगी पूजा-अर्चना
पुजारी के अनुसार, चतुर्थी तिथि 28 अक्टूबर की रात 1:06 बजे से शुरू होकर 29 अक्टूबर की रात 10:09 बजे तक रहेगी। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक निर्धारित बताया गया है।
महिलाएं इस दौरान विधि-विधान से पूजा कर पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी। पर्व को लेकर घरों में भी तैयारियां की गई हैं।
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