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शिक्षा विभाग में 'खेला': फर्जी लेडी टीचर पर मेहरबानी पड़ी भारी, बिहार में लाखों लुटाने वाला सरकारी बाबू सस्पेंड

Published: Fri, 06 Nov 2026 02:20 PM (IST)

गोपालगंज में फर्जी पंचायत शिक्षिका को 17.49 लाख रुपये के भुगतान मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ...और पढ़ें

फर्जी लेडी टीचर पर मेहरबानी पड़ी भारी, बिहार में लाखों लुटाने वाला सरकारी बाबू सस्पेंड (AI Generated Image)

फर्जी लेडी टीचर पर मेहरबानी पड़ी भारी, बिहार में लाखों लुटाने वाला सरकारी बाबू सस्पेंड (AI Generated Image)

HighLights

  1. फर्जी शिक्षिका को 17.49 लाख रुपये का भुगतान हुआ।

  2. वित्तीय अनियमितता में लिपिक धीरज कुमार निलंबित किए गए।

  3. शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए।

जागरण संवाददाता, छपरा। सारण प्रमंडल के गोपालगंज में फर्जी पंचायत शिक्षिका के खाते में 17.49 लाख रुपये के भुगतान के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (आरडीडीई) संजय कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, गोपालगंज के स्थापना संभाग में कार्यरत निम्न वर्गीय लिपिक धीरज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।

उन पर सरकारी राशि के फर्जी भुगतान, वित्तीय अनियमितता और विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप हैं। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, सारण निर्धारित किया गया है।

आठ वर्षों के वेतन का किया गया फर्जी भुगतान:

विभागीय आदेश के अनुसार, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय रूपनछाप, मांझा में कार्यरत पंचायत शिक्षिका खुशबू कुमारी को फर्जी शिक्षिका बताया गया है।

आरोप है कि फरवरी 2016 से फरवरी 2024 तक की अवधि के लिए उनके खाते में कुल 17 लाख 49 हजार 507 रुपये का भुगतान किया गया।

यह राशि चेक संख्या 868620 के माध्यम से जारी की गई। 22 मई 2026 को जारी चेक की राशि 26 मई को शिक्षिका के बैंक खाते में अंतरित हुई थी।

तीन सदस्यीय जांच में सामने आई लापरवाही:

इस मामले में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपालगंज ने लिपिक के विरुद्ध आरोप पत्र गठित कर कार्रवाई की अनुशंसा की थी।

आरडीडीई ने प्रथम दृष्टया सरकारी कार्यों में लापरवाही, वित्तीय अनियमितता और बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के उल्लंघन का आरोप मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।

45 दिनों में जांच पूरी करने का निर्देश:

विभागीय कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिवान को संचालन पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा, गोपालगंज को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है।

आरोप पत्र जारी होने के 45 दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है। वहीं, निलंबित लिपिक को आरोप पत्र मिलने के 15 दिनों के भीतर साक्ष्य सहित अपना लिखित बचाव प्रस्तुत करना होगा।

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