सारण में बाढ़ राहत में लापरवाही पर एक्शन, मकेर के प्रधान क्लर्क सस्पेंड, FIR का आदेश
सारण जिले में बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
सारण में बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही पर प्रशासन सख्त।
मकेर अंचल के प्रधान लिपिक सुभाष कुमार निलंबित, FIR का आदेश।
कई अन्य अधिकारियों से भी राहत कार्यों में अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा।
जागरण संवाददाता, छपरा। सारण जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही और वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना के मामले में मकेर अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक सुभाष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
साथ ही उनके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 56 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
बताया गया कि सुभाष कुमार को कार्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया था, लेकिन उन्होंने आदेश का अनुपालन नहीं किया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए निर्धारित जिम्मेदारियों के निर्वहन में अपेक्षित सहयोग नहीं करने को भी गंभीरता से लिया गया।
मांगा गया स्पष्टीकरण
इधर, मकेर के ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक नागेंद्र पंडित से भी प्रखंड मुख्यालय से अनुपस्थित रहने और राहत कार्यों में दायित्व का समुचित निर्वहन नहीं करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्हें 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
परसा में प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी से भी क्षेत्र में अनुपस्थिति, सरकारी फोन नहीं उठाने और राहत कार्यों में अपेक्षित सहयोग नहीं करने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपदा की स्थिति में लापरवाही या कर्तव्यहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह भी पढ़ें- सारण तटबंध टूटने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों को खदेड़ा
