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सारण MLC चुनाव रिजल्ट: राहुल राज और आनंद पुष्कर के बीच कड़ा मुकाबला, अब ऐसे होगा जीत का फैसला

By Rajeev RanjanEdited By: Rajat Mourya
Published: Tue, 27 Oct 2026 05:14 PM (IST)

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में डॉ. राहुल राज प्रथम वरीयता के मतों में आगे चल रहे हैं, लेकिन ...और पढ़ें

छपरा में मतगणना केंद्र पर जानकारी लेते डीएम वैभव श्रीवास्तव

छपरा में मतगणना केंद्र पर जानकारी लेते डीएम वैभव श्रीवास्तव

HighLights

  1. डॉ. राहुल राज प्रथम वरीयता मतों में सबसे आगे।

  2. जीत के लिए आवश्यक मतों का आंकड़ा किसी ने नहीं छुआ।

  3. अब द्वितीय वरीयता के मतों से तय होगा परिणाम।

जागरण संवाददाता, छपरा। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की मतगणना (Bihar MLC Election Result 2026) में प्रथम वरीयता के मतों में डॉ. राहुल राज बढ़त बनाए हुए हैं। अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 2723 मत मिले हैं। वहीं, आनंद पुष्कर 2440 मतों के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

अफाक अहमद को 1999 और जयराम यादव को 1708 मत प्राप्त हुए हैं। हालांकि, प्रथम वरीयता के मतों की गिनती में कोई भी प्रत्याशी जीत के लिए आवश्यक मतों का आंकड़ा हासिल नहीं कर सका है। ऐसे में अब द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

निर्वाचन के नियमों के अनुसार, जीत के लिए कुल वैध मतों के आधे से एक अधिक मत प्राप्त करना आवश्यक है। इस चुनाव में जीत के लिए लगभग 4600 मतों का आंकड़ा पार करना जरूरी है।

प्रथम वरीयता के मतों में किसी भी प्रत्याशी के इस आंकड़े तक नहीं पहुंचने के कारण अब द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती के आधार पर परिणाम तय होगा। इससे प्रत्याशियों की स्थिति में बदलाव की संभावना बनी हुई है।

प्रथम वरीयता में डॉ. राहुल राज को बढ़त

प्रथम वरीयता के मतों में डॉ. राहुल राज अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आनंद पुष्कर से 283 मतों से आगे हैं। अफाक अहमद तीसरे और जयराम यादव चौथे स्थान पर हैं।

रामेंद्र राय को 228, विद्या सागर विद्यार्थी को 54, प्रदीप कुमार को 13 तथा डॉ. प्रियंशु कुमार कश्यप और सैयद नजमुल होदा को आठ-आठ मत मिले हैं।

राम पुकार सिन्हा को पांच, मनोहर कुमार श्रीवास्तव को चार और नजीर हुसैन को तीन मत प्राप्त हुए हैं। इमाम हसन और हिमांशु शेखर को दो-दो मत मिले हैं।

द्वितीय वरीयता के मतों से तय होगी जीत-हार

प्रथम वरीयता की गिनती में जीत के लिए निर्धारित मतों का आंकड़ा हासिल नहीं होने के कारण अब द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती महत्वपूर्ण हो गई है। इसमें मतपत्रों पर दर्ज वरीयता के आधार पर मतों की गणना की जाएगी।

इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन प्रत्याशी जीत के लिए आवश्यक मतों की सीमा पार करता है। मतगणना केंद्र पर प्रत्याशियों और समर्थकों की निगाहें अब द्वितीय वरीयता के मतों पर टिकी हैं।

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