विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सड़क पर बेसहारा पड़े मरीजों का सहारा बनेगा छपरा सदर अस्पताल, विशेष वार्ड बनाने की तैयारी; उपाधीक्षक ने की पहल

Published: Wed, 28 Oct 2026 01:38 PM (IST)

छपरा सदर अस्पताल सड़क पर बेसहारा पड़े मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। उपाधीक्षक डॉ. ...और पढ़ें

बेसहारा पड़े मरीजों का सहारा बनेगा छपरा सदर अस्पताल

बेसहारा पड़े मरीजों का सहारा बनेगा छपरा सदर अस्पताल

HighLights

  1. सड़क पर बेसहारा मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनेगा।

  2. उपाधीक्षक डॉ. कृष्ण मोहन दुबे ने की है पहल।

  3. असहाय मरीजों को मिलेगा बेहतर उपचार और देखभाल।

जागरण संवाददाता, छपरा। बीमारी और लाचारी की हालत में सड़क पर बेसहारा पड़े लोगों को अब सदर अस्पताल में बेहतर उपचार और देखभाल उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। 

अस्पताल प्रशासन लावारिस और असहाय मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाने की योजना पर विचार कर रहा है, ताकि उन्हें विशेष सुविधा मुहैया कराई जा सके। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. कृष्ण मोहन दुबे ने इस दिशा में पहल करते हुए ऐसे मरीजों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई है।

मरीज की स्वच्छता और देखभाल पर विशेष ध्यान

जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल के मुख्य द्वार के समीप बुधवार को विक्षिप्त अवस्था में पड़े एक व्यक्ति को देखा गया। उसकी दयनीय स्थिति पर ध्यान देते हुए डॉ. दुबे ने स्वास्थ्यकर्मियों की सहायता से उसे वहां से उठवाया। 

इसके बाद उसकी साफ-सफाई कराई गई और नहलाया गया। उसके पैर में सड़ा हुआ घाव था, जिसकी सफाई कराकर मरहम-पट्टी की गई। इस दौरान मरीज की स्वच्छता और देखभाल पर विशेष ध्यान दिया गया।

अपना नाम संजीव बता पा रहा व्यक्ति

उपचार के दौरान व्यक्ति अपना नाम संजीव बता पा रहा था, लेकिन वह अपने घर और परिवार के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। पूछने पर वह केवल बुदबुदाता रहा। उसकी स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने ऐसे असहाय लोगों के लिए बेहतर व्यवस्था की जरूरत महसूस की। 

अलग वार्ड बनने से बीमारी की हालत में मिलने वाले लावारिस मरीजों को एक निर्धारित स्थान पर रखकर उनके उपचार और देखभाल की व्यवस्था की जा सकेगी।

असहायों की सेवा ही सच्चा मानव धर्म

उपाधीक्षक डॉ. कृष्ण मोहन दुबे ने कहा कि जरूरतमंद और असहाय लोगों की सेवा करना सच्चा मानव धर्म है। जिन मरीजों के स्वजन उनकी देखभाल करने में सक्षम हैं, उनके उपचार के साथ उन लोगों की सहायता करना भी जरूरी है, जिनका कोई सहारा नहीं है। सड़क या अस्पताल परिसर में गंभीर अवस्था में मिलने वाले ऐसे लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा, साफ-सफाई और उचित देखभाल मिलनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से लावारिस मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। हालांकि, यह फिलहाल प्रस्तावित योजना है। इसे धरातल पर उतारने के लिए आगे की कार्रवाई की जानी है। पहल सफल होने पर बेसहारा मरीजों को उपचार और देखभाल के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध हो सकेगा।

यह भी पढ़ें- लुधियाना से शादी में शामिल होकर बिहार लौट रहे परिवार के ऑटो को ट्रक ने रौंदा, मां-बेटे समेत 4 की मौत