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छपरा में नाव परिचालन पर सख्त निर्देश: एक साथ इंसान, मवेशी और गाड़ी ले जाने पर पाबंदी, SDRF की टीम तैनात

Published: Sat, 17 Oct 2026 05:03 PM (IST)

सारण जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा और छठ महापर्व के दौरान नदी घाटों पर नाव परिचालन के लिए सख्त निर्देश ...और पढ़ें

छपरा में नाव परिचालन पर सख्त निर्देश (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

छपरा में नाव परिचालन पर सख्त निर्देश (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. नावों पर इंसान, मवेशी, वाहन एक साथ ले जाने पर पाबंदी।

  2. सूर्यास्त के बाद नाव परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होगा।

  3. संवेदनशील घाटों पर पुलिस बल और SDRF टीम तैनात रहेगी।

जागरण संवाददाता, छपरा। दुर्गा पूजा प्रतिमा विसर्जन और छठ महापर्व के दौरान नदी घाटों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सारण जिला प्रशासन ने नाव परिचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अवैध, जर्जर और क्षमता से अधिक यात्रियों को ढोने वाली नावों के परिचालन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। 

अब नावों पर इंसान, मवेशी और वाहन को एक साथ नहीं ले जाया जा सकेगा। सूर्यास्त के बाद नाव परिचालन पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले नाविकों और संचालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश

प्रशासन को पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा और आपदा प्रबंधन विभाग से मिली सूचनाओं में नदियों और दियारा क्षेत्रों के कई घाटों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर नाव चलाए जाने की आशंका जताई गई है। त्योहारों के दौरान लोगों की आवाजाही बढ़ने से दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

नावों का होगा भौतिक सत्यापन, सुरक्षा उपकरण रखना अनिवार्य

प्रशासन के निर्देश के अनुसार दियारा क्षेत्रों में परिचालित नावों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान नावों की फिटनेस, वैध निबंधन और निर्धारित क्षमता की जांच होगी। बिना निबंधन वाली और जर्जर नावों को चलाने की अनुमति नहीं होगी। नावों पर निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों या सामान को लादने पर भी रोक रहेगी।

आदर्श नौका परिचालन नियमावली, 2011 के प्रावधानों के अनुरूप प्रत्येक नाव पर लाइफ जैकेट, सुरक्षा रिंग, टॉर्च, रस्सी, बांस की लग्गी और लाल झंडा रखना अनिवार्य किया गया है। इन सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

संवेदनशील घाटों पर पुलिस बल की तैनाती

नाव परिचालन के लिए प्रारंभिक और गंतव्य स्थल निर्धारित किए जाएंगे। सूर्यास्त के बाद नाव चलाने पर रोक के अनुपालन की निगरानी होगी। संवेदनशील घाटों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। किसी दुर्घटना या आपात स्थिति से निपटने के लिए मोटर बोट और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तैयार रखा जाएगा। 

जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराने को कहा है। त्योहारों के दौरान नदी घाटों पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना और नाव दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि को रोकना इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य है।

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