25 साल में 17 बार लड़े चुनाव, वार्ड से राष्ट्रपति पद तक पर्चा भर चुके हैं बिहार के लालू यादव
मढ़ौरा के लालू प्रसाद यादव ने 25 साल में 17 बार चुनाव लड़े हैं, वार्ड पार्षद से लेकर राष्ट्रपति पद तक के लिए नामांकन किया, लेकिन जीत से दूर रहे।

मढ़ौरा के लालू प्रसाद यादव
HighLights
मढ़ौरा के लालू यादव ने 17 चुनाव लड़े, नहीं जीते।
वार्ड पार्षद से राष्ट्रपति पद तक किया नामांकन।
25 साल से चुनावी मैदान में बरकरार है जुनून।
अमृतेश, छपरा। राजनीति में हार कई नेताओं के हौसले पस्त कर देती है, लेकिन मढ़ौरा के लालू प्रसाद यादव के लिए हर हार अगली चुनावी पारी का जैसे न्योता है। जादो रहीमपुर गांव के इस लालू ने वार्ड पार्षद से लेकर सांसद, विधायक और विधान पार्षद बनने तक की दौड़ लगाई। राष्ट्रपति की कुर्सी पाने के लिए भी नामांकन कर दिया।
करीब 25 साल से चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे लालू का जुनून ऐसा है कि हार भी उनके हौसले नहीं डिगा सकी। वर्ष 2026 के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को मिलाकर उनके चुनावी सफर में 17 बार मैदान में उतरने का आंकड़ा सामने आता है, लेकिन जीत अब भी उनसे दूर है। राजद के पूर्व अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से नाम की समानता के कारण भी उनकी चर्चा होती है।
वार्ड पार्षद से शुरू हुआ चुनावी सफर
लालू प्रसाद यादव ने वर्ष 2001 में मढ़ौरा नगर पंचायत के वार्ड पार्षद का चुनाव लड़कर अपनी सियासी पारी शुरू की। इसके बाद 2006 और 2011 में भी इसी पद के लिए किस्मत आजमाई।
फिर चुनावी महत्वाकांक्षा का दायरा बढ़ाया और वर्ष 2014 में सारण लोकसभा क्षेत्र से मैदान में उतरे। वर्ष 2015 में मढ़ौरा विधानसभा सीट और 2016 में सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद का चुनाव लड़ा।
राष्ट्रपति बनने का भी देखा सपना
चुनावी सफर में उन्होंने ऐसी छलांग लगाई कि राष्ट्रपति पद के लिए भी नामांकन कर दिया। वर्ष 2017 और 2022 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए पर्चा भरा। हालांकि, आवश्यक प्रस्तावकों की कमी के कारण उनके नामांकन आगे नहीं बढ़ सके। वर्ष 2019 में सारण लोकसभा और 2020 में मढ़ौरा विधानसभा तथा सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भी किस्मत आजमाई।
कई सीटों पर आजमाई किस्मत
वर्ष 2022 में मोकामा विधानसभा उपचुनाव और सारण स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव से उनका नाम जुड़ा। वर्ष 2023 में सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ा। वर्ष 2024 में रुपौली और तरारी विधानसभा उपचुनावों के साथ सारण और महाराजगंज लोकसभा क्षेत्रों में भी नामांकन किया।
वर्ष 2025 में मढ़ौरा और तरारी विधानसभा चुनाव से उनका नाम जुड़ा। अब 2026 में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव ने उनके चुनावी सफर को फिर चर्चा में ला दिया है।
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