समस्तीपुर । वारिसनगर प्रखंड प्रमुख रामा साह तथा उपप्रमुख शिवशंकर महतो पर पंचायत समिति सदस्यों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का मामला अब रोचक मोड़ पर पहुंच गया है। इसके लिए पिछले दो माह से प्रखंड की राजनीति गर्म है। इन दोनों के निर्वाचन की अवधि के दो वर्ष पूूर्ण होते ही कतिपय सदस्यों ने प्रखंड प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विशेष बैठक बुलाने की तैयारी के लिए संपर्कों का दौर शुरू कर दिया था। जब यह अंतिम चरण में पहुंचा ही था कि इसे प्रस्तुत किए बिना कुछ सदस्य प्रखंड प्रमुख तथा उपप्रमुख दोनों पर एक साथ अविश्वास की बातें कहते हुए हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया। वहीं सूत्रों की मानें तो दो माह से चल रहे राजनीतिक दवाब को देख प्रखंड प्रमुख तथा उपप्रमुख दोनों ने समझौता करते हुए दस सदस्यों के द्वारा 4 सितंबर को स्वयं पर अविश्वास प्रस्ताव लाने का पत्र सीओ सह प्रभारी बीडीओ भुवनेश्वर झा को सौंप दिया। तत्पश्चात श्री झा के द्वारा आवश्यक कागजी कार्रवाई करते हुए 14 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा एवं मतदान करने की तिथि निर्धारित करते हुए सभी सदस्यों को पत्र जारी कर दिया गया है। अब देखना है कि 14 सितंबर को दोनों की कुुर्सी बचती है या कि नहीं? हालांकि इस संबंध में संपर्क करने पर प्रखंड प्रमुख तथा उपप्रमुख दोनों स्वयं अपने द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने की बातों से इनकार करते हुए अपने दो वर्षों के क्रियाकलाप पर 14 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव सदन में खारिज होने का विश्वास जताया है।

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