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समस्तीपुर में 379 शिक्षकों के वेतन पर संकट, प्रमाण पत्र जमा न करने पर कार्रवाई

Published: Wed, 14 Oct 2026 03:45 PM (IST)

Vigilance Investigation Bihar: समस्तीपुर में 379 नियोजित शिक्षकों का वेतन रोका जा सकता है, जिन्होंने विजिलेंस जांच के लिए शैक्षणिक ...और पढ़ें

15 अक्टूबर तक संबंधित शिक्षकों के सभी प्रमाण पत्रों की स्पष्ट और सत्यापित छायाप्रति जमा करने का अंतिम निर्देश।

15 अक्टूबर तक संबंधित शिक्षकों के सभी प्रमाण पत्रों की स्पष्ट और सत्यापित छायाप्रति जमा करने का अंतिम निर्देश।

HighLights

  1. 379 शिक्षकों का वेतन रुकने की संभावना।

  2. विजिलेंस जांच हेतु प्रमाण पत्र नहीं जमा किए।

  3. 15 अक्टूबर तक दस्तावेज जमा करने का अंतिम निर्देश।

जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Samastipur Teachers Salary: जिले में विजिलेंस जांच के लिए शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराने वाले 379 नियोजित शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) जमालुद्दीन ने जिले के 15 प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को पत्र जारी कर 15 अक्टूबर तक संबंधित शिक्षकों के सभी प्रमाण पत्रों की स्पष्ट और सत्यापित छायाप्रति जिला कार्यालय में जमा करने का अंतिम निर्देश दिया है।

बीईओ और शिक्षकों पर गाज

शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेज जमा नहीं करने पर न केवल संबंधित शिक्षकों का वेतन रोका जाएगा, बल्कि इसमें शिथिलता बरतने वाले बीईओ पर भी कार्रवाई करते हुए उनका वेतन भी स्थगित किया जा सकता है।

पटना उच्च न्यायालय के आदेश के तहत ये प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए भेजे गए थे, लेकिन कुछ अभिलेख अस्पष्ट होने के कारण वापस आ गए थे, जिन्हें दोबारा सत्यापित कराया जाना है।

इन 15 प्रखंडों में जारी हुआ निर्देश

विभाग ने जिन प्रखंडों के बीईओ को चेतावनी पत्र जारी किया है, उनमें समस्तीपुर, खानपुर, शिवाजीनगर, पूसा, विभूतिपुर, कल्याणपुर, बिथान, सरायरंजन, सिंघिया, वारिसनगर, मोरवा, दलसिंहसराय, मोहिउद्दीनगर, पटोरी और ताजपुर शामिल हैं।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के निर्देश पर सभी बीईओ को अपने-अपने क्षेत्र के शिक्षकों से दो-दो सेट सत्यापित छायाप्रति प्राप्त कर 15 अक्टूबर तक जमा कराने को कहा गया है।

लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निगरानी जांच से जुड़े संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विभाग का मुख्य उद्देश्य सभी लंबित दस्तावेजों को समय रहते संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालयों को भेजकर सत्यापन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराना है, ताकि जांच को अंतिम रूप दिया जा सके।

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