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बिहार शिक्षक ट्रांसफर से पहले सरप्लस लिस्ट जारी, मधुबनी में 997 शिक्षकों को नहीं मिला स्कूल

Published: Wed, 09 Sep 2026 07:00 PM (IST)

E Shikshakosh Portal: मधुबनी जिले में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 2098 सरप्लस शिक्षकों की औपबंधिक सूची जारी की गई है। ...और पढ़ें

बुधवार को दिनभर बड़ी संख्या में शिक्षक पोर्टल पर लॉगिन कर अपने नाम और विद्यालय आवंटन की स्थिति जांचते रहे।

बुधवार को दिनभर बड़ी संख्या में शिक्षक पोर्टल पर लॉगिन कर अपने नाम और विद्यालय आवंटन की स्थिति जांचते रहे।

HighLights

  1. ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 2098 सरप्लस शिक्षकों की सूची जारी।

  2. 997 शिक्षकों को फिलहाल कोई नया स्कूल आवंटित नहीं।

  3. गंभीर चिकित्सीय आधार पर तबादलों की जांच जारी।

जागरण संवाददाता, मधुबनी। Bihar Teacher Transfer: जिले में सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया के तहत ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर स्कूलवार 2098 शिक्षकों की औपबंधिक सूची जारी कर दी गई है।

आधिकारिक सूची सार्वजनिक होते ही शिक्षकों के बीच अपने संभावित नए विद्यालयों को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई। बुधवार को दिनभर बड़ी संख्या में शिक्षक पोर्टल पर लॉगिन कर अपने नाम और विद्यालय आवंटन की स्थिति जांचते रहे।

997 शिक्षकों का आवंटन अटका

विभागीय स्तर पर तय किए गए मानकों के आधार पर पूरी प्रक्रिया संचालित करने के दौरान 997 शिक्षकों को फिलहाल कोई नया स्कूल आवंटित नहीं हो पाया है।

बिना स्कूल आवंटन वाले इन शिक्षकों की स्थिति पर आगामी विभागीय दिशानिर्देशों के तहत अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस बीच जिले के 516 शिक्षकों ने गंभीर चिकित्सीय आधार पर तबादले के लिए आवेदन दाखिल किया था।

मेडिकल प्रमाणपत्र पर सख्ती

स्वास्थ्य कारणों से स्थानांतरण की मांग करने वाले आवेदनों में केवल सिविल सर्जन द्वारा जारी वैध प्रमाणपत्र वाले मामलों को ही स्वीकृत किया गया है।

दूसरी ओर मात्र डॉक्टर का पुर्जा या सामान्य चिकित्सीय कागजात संलग्न करने वाले शिक्षकों के आवेदनों को विभाग ने सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। इस सख्त मानक के कारण संबंधित शिक्षकों को विशेष चिकित्सकीय छूट का लाभ नहीं मिल सका।

मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट

बीमारी के आधार पर किए गए दावों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए 37 शिक्षकों के मामलों में एक विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था।

गठित बोर्ड ने संबंधित सभी मामलों की चिकित्सीय जांच पूरी कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट बुधवार को स्थापना विभाग को सौंप दी है। अब मेडिकल बोर्ड की इस अनुशंसा के आधार पर ही संबंधित शिक्षकों के तबादले पर अंतिम विभागीय आदेश जारी होंगे।

पूरी प्रक्रिया पारदर्शी

स्थापना डीपीओ मुकेश कुमार ने स्पष्ट किया कि सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण की समूची व्यवस्था ई-शिक्षा कोष पोर्टल के जरिए सॉफ्टवेयर आधारित और ऑनलाइन संचालित हो रही है।

तय नियमों और दिशा-निर्देशों के आधार पर ही स्कूलों का आवंटन स्वचालित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया है और प्रत्येक शिक्षक का विवरण सीधे पोर्टल पर उपलब्ध है।