समस्तीपुर के 1668 शिक्षकों को मिला पसंद का स्कूल, 878 शिक्षकों को करना होगा इंतजार
Bihar Teacher Transfer News: समस्तीपुर में लंबे इंतजार के बाद 1668 शिक्षकों को विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं, जबकि ...और पढ़ें

शिक्षकों के ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर स्थानांतरण पत्र भी तुरंत उपलब्ध करा दिया गया।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Samastipur Teacher Transfer: बिहार के समस्तीपुर जिले में लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे 1668 शिक्षकों को बुधवार को विद्यालय आवंटित कर दिया गया।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने आधिकारिक स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया है। आदेश जारी होते ही संबंधित शिक्षकों के ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर स्थानांतरण पत्र भी तुरंत उपलब्ध करा दिया गया।
30 सितंबर तक करना होगा योगदान
स्थानांतरित सभी शिक्षकों को 30 सितंबर तक हर हाल में अपने नए विद्यालय में योगदान करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के तय प्रावधानों के तहत शिक्षकों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर ही यह पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। जिले में स्थानांतरण पाने के लिए कुल 2546 सरप्लस शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन जमा किया था।
878 शिक्षकों को करना होगा इंतजार
आवेदन करने वाले कुल शिक्षकों में से 1668 शिक्षकों को विद्यालय का आवंटन कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर 878 शिक्षकों को इस प्रथम चरण में विद्यालय का आवंटन नहीं हो सका।
शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन दिए गए विकल्पों और उनके मेधा अंक के आधार पर ही प्राथमिकता से स्कूल आवंटित किए गए।
समानुपातिक और पारस्परिक स्थानांतरण
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) जमालुद्दीन ने बताया कि कुल 1668 शिक्षकों का स्थानांतरण सफलतापूर्वक किया गया है।
इनमें से 1234 शिक्षकों का समानुपातिक स्थानांतरण हुआ है। वहीं 434 शिक्षकों को पारस्परिक यानी म्यूचुअल स्थानांतरण की सुविधा का लाभ मिला है।
पोर्टल से डाउनलोड करें आदेश
डीपीओ ने जानकारी दी कि सभी संबंधित शिक्षक ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर लागिन करके अपना स्थानांतरण आदेश आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
स्थानांतरित शिक्षकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर नए पदस्थापन वाले विद्यालय में योगदान देना अनिवार्य है। आदेश मिलते ही शिक्षकों ने योगदान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
मेधा अंक का तय मानक
विद्यालय आवंटन के लिए शिक्षकों की कुल सेवा अवधि पदस्थापन और निर्धारित श्रेणियों के आधार पर पारदर्शी मेधा अंक तैयार किए गए।
इसके पश्चात ही शिक्षकों द्वारा चुने गए प्राथमिक विकल्पों के अनुसार स्कूल आवंटित किए गए। पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने की स्थिति में वरीयता अंक देने का विशेष प्रावधान किया गया था।
बीमारी और सेवाकाल के अंक
स्थानांतरण नीति में गंभीर बीमारी की स्थिति में भी अतिरिक्त अंक देने की व्यवस्था थी। स्वयं की गंभीर बीमारी के लिए 20 अंक तथा पत्नी या बच्चे की गंभीर बीमारी पर 10 अंक निर्धारित थे।
इसके अतिरिक्त सेवाकाल के आधार पर प्रत्येक वर्ष के लिए एक अंक दिया गया। इन्हीं सभी तय मानकों के आधार पर आवंटन प्रक्रिया पूरी की गई।
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