बिहार में टीचर ट्रांसफर का नया नियम लागू: तबादले के लिए 7 कैटेगरी तय, 5 साल वाला रूल भी समझ लीजिए
समस्तीपुर समेत पूरे बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिसमें गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी।

बिहार में टीचर ट्रांसफर का नया नियम लागू (AI Generated Image)

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जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। समस्तीपुर समेत पूरे बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण (Bihar Teacher Transfer) की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी। शिक्षा विभाग ने बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 लागू कर दी है।
इसके तहत शिक्षकों को तबादले के लिए जिला या राज्य मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। वे निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर अपने स्थानांतरण का दावा प्रस्तुत कर सकेंगे।
नई नियमावली में तबादले की सात श्रेणियां तय की गई हैं तथा प्रत्येक श्रेणी के लिए वरीयता के आधार भी निर्धारित किए गए हैं। नई व्यवस्था में गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
इसके अलावा दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन, विधवा, तलाकशुदा अथवा एकल अभिभावक, पारस्परिक स्थानांतरण, समायोजन/समानुपातीकरण तथा सामान्य स्थानांतरण को भी अलग-अलग श्रेणियों में शामिल किया गया है।
शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार स्थानांतरण के कारणों के लिए अंक आधारित व्यवस्था लागू की गई है। वरीयता सूची में कैंसर, ओपन हार्ट सर्जरी, अट्रियल सेप्टल डिफेक्ट का उपचार, अंग प्रत्यारोपण, एकल किडनी या किडनी प्रत्यारोपण, डायलिसिस, ब्रेन ट्यूमर, प्रमुख न्यूरो सर्जरी, बोन टीबी, गंभीर टीबी और पक्षाघात जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को सबसे अधिक प्राथमिकता मिलेगी।
नियमावली के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में किसी शिक्षक का स्थानांतरण पांच वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद ही किया जाएगा। हालांकि गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन जैसी विशेष परिस्थितियों में न्यूनतम सेवा अवधि पूरी होने से पहले भी आवेदन पर विचार किया जा सकेगा।
पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण के लिए दोनों शिक्षकों की संयुक्त सहमति अनिवार्य होगी। दोनों का समान संवर्ग और श्रेणी का होना आवश्यक है। विषयवार पदस्थापन वाले मामलों में दोनों का विषय भी एक समान होना चाहिए। साथ ही गृह जिला संबंधी प्रतिबंधों का पालन करना भी अनिवार्य होगा।
नई स्थानांतरण नीति का उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी, ऑनलाइन और मेरिट आधारित बनाना है, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक दौड़-धूप से राहत मिल सके और पात्र शिक्षकों को निर्धारित वरीयता के अनुसार स्थानांतरण का लाभ मिल सके।
