समस्तीपुर की बेटियों ने रचा इतिहास, प्राची हनी IAS बनीं, छोटी बहन वैज्ञानिक
IAS Success, Upse Rank 28: समस्तीपुर के बिथान प्रखंड की दो सगी बहनों, प्राची हनी और प्राची चंद्र वर्मा ने अपने माता-पिता के मार्गदर्शन से बड़ी सफलता हासिल की है।

ग्रामीणों के बीच तेलनी गांव में बेटी प्राची (माला पहने)! : फाइल फोटो
HighLights
प्राची हनी ने UPSC में 28वीं रैंक हासिल की।
छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा वैज्ञानिक बन रही हैं।
माता-पिता के विश्वास और त्याग से मिली सफलता।
दिनेश कुमार, बिथान (समस्तीपुर)। Prachi Honey Ias: बेटियां घर की लक्ष्मी होती हैं और सही मार्गदर्शन व प्रोत्साहन मिलने पर वे हर क्षेत्र में आसमान छू सकती हैं।
इस बात को समस्तीपुर जिले के बिथान प्रखंड अंतर्गत तेलनी गांव की दो सगी बहनों ने पूरी तरह सच साबित कर दिया है।
शिक्षक दंपती रजनीकांत वर्मा और चेतना कुमारी की दोनों बेटियों ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और माता-पिता के आशीर्वाद से वह मुकाम हासिल किया है, जिस पर आज पूरे राज्य को गर्व है।
बड़ी बेटी प्राची हनी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में ऑल इंडिया 28वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का गौरव प्राप्त किया है, वहीं छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा वैज्ञानिक (कीट विज्ञानी) की राह पर आगे बढ़ रही हैं।
संघर्ष और सफलता की कहानी
तेलनी गांव की बेटी प्राची हनी के लिए यह सफलता इतनी आसान नहीं थी। दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने राजधानी दिल्ली में रहकर यूपीएससी की कठिन तैयारी शुरू की थी।
शुरुआती दौर में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने साल 2025 में जहां बीपीएससी की परीक्षा पास की, वहीं अपने दूसरे ही यूपीएससी प्रयास में ऑल इंडिया में 28वां स्थान प्राप्त कर आईएएस अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा कर दिखाया।
त्याग और परवरिश की मिसाल
समाज में आज भी जहां कई जगहों पर पुत्र मोह में बेटियों की परवरिश और शिक्षा में भेदभाव किया जाता है, वहीं रजनीकांत वर्मा और चेतना कुमारी दंपती ने इसके विपरीत एक मिसाल पेश की।
उन्होंने कभी बेटे की चाह नहीं रखी और अपनी दोनों बेटियों की काबिलियत पर पूरा भरोसा जताया। माता-पिता के इस असीम त्याग, दूरदर्शी सोच और बेटियों के प्रति अटूट विश्वास का ही नतीजा है कि आज दोनों बेटियां देश और समाज में परिवार का नाम रोशन कर रही हैं।
कीट विज्ञानी बन रहीं छोटी बहन
बड़ी बहन प्राची हनी जहां आईएएस अधिकारी बनकर प्रशासनिक सेवा संभाल रही हैं, वहीं उनकी 25 वर्षीय छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा भी पीछे नहीं हैं।
वे केंद्रीय विश्वविद्यालय हैदराबाद से माइक्रोबायोलॉजी (कीटाणु-विज्ञान) में उच्च शिक्षा प्राप्त कर वैज्ञानिक बनने की राह पर तेजी से अग्रसर हैं।
दोनों बहनों की यह सफलता आज के दौर के युवाओं और माता-पिता के लिए एक प्रेरणास्त्रोत है।
परिजनों को दिया सफलता का श्रेय
प्राची हनी अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय अपने दादा-दादी, चाचा-चाची और माता-पिता को देती हैं।
उनका कहना है कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, वह स्वजन के निरंतर स्नेह, सहयोग, त्याग और दिए गए मजबूत संस्कारों की बदौलत ही संभव हो पाया है।
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बेटियां तो घर की लक्ष्मी होती ही हैं। दीपावली के दिन अपने-अपने घरों में बेटी के नाम से एक दीपक जरूर जलाएं, ताकि बेटियां यूं ही देश-दुनिया में नाम रोशन करती रहें। उन्हें भी लगे कि हमारी महत्ता है।
- रजनीकांत वर्मा
बेटियां घर की लक्ष्मी के साथ-साथ सौभाग्य हैं। वे परिवार की मर्यादा हैं। आज हर क्षेत्र में बेटियों ने नाम रोशन किया है। प्रशासनिक पद से लेकर सुरक्षा के स्तर तक। उनके नाम पर दीपक तो जलनी ही चाहिए।
- चेतना कुमारी
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